नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र सरकार से कहा है कि अलगाववादी नेता मसर्रत आलम भट पर नजर रखी जा रही है। यदि कुछ गड़बड़ दिखी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मसर्रत की रिहाई को लेकर पैदा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने संसद को सूचित किया कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर सरकार को परामर्श जारी कर मसर्रत के खिलाफ सभी 27 मामलों को प्रबल तरीके से आगे बढाने और उसे जमानत प्रदान करने वाले आदेशों को चुनौती देने की कार्रवाई करने को कहा है।

संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में दिए गए बयान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय कायम करते हुए मसर्रत के साथ ही उसके साथियों तथा समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
सिंह ने बयान में कहा कि मसर्रत और उसके सहयोगियों तथा समर्थकों की ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी जो लोक व्यवस्था या देश की एकता अखंडता और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रभाव डालती हों। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने प्रदेश सरकार से कहा है कि यदि कोई भी अप्रिय बात संज्ञान में आती है तो तुरंत लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत उसकी समीक्षा की जाए और तत्काल उचित कार्रवाई की जाए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मसर्रत आलम भट, उसके सहयोगियों और समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और उन पर खुफिया नजर रखी जाएगी। यह कार्रवाई केंद्र सरकार की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ गहन समन्वय के साथ की जाएगी।
मसर्रत की रिहाई के मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में इस सप्ताह काफी हंगामा हुआ था और विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यों के आक्रोश से सहमति जताई थी और मसर्रत की रिहाई को अस्वीकार्य करार दिया था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। बाद में उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार के जवाब से असंतोष जाहिर करते हुए नए सिरे से स्पष्टीकरण मांगा था और साथ ही नई जानकारी को सदस्यों के साथ साझा करने का वादा किया था।
गृह मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने यह भी सूचित किया है कि मसर्रत की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नजर रखने के लिए एक उचित प्रणाली है। जब भी कभी कुछ विपरीत बातें सामने आती हैं तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। केंद्र ने इससे पूर्व पुरजोर शब्दों में कहा था कि राज्य सरकार को चलाना नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा राजग सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार है।

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Edited By: manoj yadav