केरलम में वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी अधिकारों और सुरक्षा की कानूनी गारंटी, सीएम सतीशन ने किया एलान
मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वरिष्ठ नागरिक विभाग इस कानून ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा इस कानून का मसौदा तैयार कर रहा वरिष्ठ नागरिक विभाग (फाइल फोटो)
HighLights
इस कानून का मसौदा तैयार कर रहा वरिष्ठ नागरिक विभाग : मुख्यमंत्री
सतीशन का दावा- दुनिया में अभी तक नहीं है इस तरह का कोई कानून
पीटीआई, तिरुअनंतपुरम। वरिष्ठ नागरिकों को अधिकारों और सुरक्षा की कानूनी गारंटी देने के लिए केरलम सरकार कानून बनाएगी।
मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वरिष्ठ नागरिक विभाग इस कानून का व्यापक मसौदा तैयार कर रहा है। इसे जल्द विधानसभा में पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
सतीशन दावा किया कि दुनिया में अभी तक इस तरह का कोई कानून नहीं है और केरल इस दिशा में पहल करने जा रहा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि केरलम वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभाग बनाने वाला पहला राज्य है।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को ‘सिल्वर इकोनमी’ का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें समाज और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए। सिल्वर इकोनमी का मतलब है बुजुर्गों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां और सेवाएं। इसमें उनकी जरूरतों के लिए स्वास्थ्य देखभाल, मनोरंजन और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
सतीशन ने कहा, केरलम में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि 2036 तक बुजुर्गों की आबादी कुल आबादी का लगभग 38 प्रतिशत होगी।
कई परिवारों के बच्चे रोजगार या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रहते हैं, जिससे बुजुर्गों में अकेलेपन की समस्या बढ़ रही है। हमारा मकसद सेवानिवृत्ति के बाद बुजुर्गों को और ज़्यादा क्रिएटिव बनाना है।
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुजुर्ग अकेला और असहाय महसूस न करे। सरकार राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों का रजिस्टर भी तैयार करेगी।
इसमें उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोगों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से केयरगिवर कोर्स शुरू किया जाएगा।
