ग्लोबल चिप हब बनने की तैयारी में भारत, ‘सेमीकॉन 2.0’ से देशी स्टार्टअप्स को मिलेगा नया मुकाम
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर योजना 'सेमीकॉन 2.0' को देश के लिए गेम चेंजर बताया, जिससे लगभग 200 चिप डिजाइन कंपनियां उभरने की उम्मीद है।

सेमीकॉन 2.0 से 200 चिप डिजाइन कंपनियों को मिलेगा बढ़ावा
HighLights
सेमीकॉन 2.0 से 200 चिप डिजाइन कंपनियों के उभरने की उम्मीद।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे देश का गेम चेंजर बताया।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, एलएंडटी सेमीकंडक्टर ने चिप निर्माण हेतु साझेदारी की।
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि 1.27 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वाली सेमीकंडक्टर योजना सेमीकॉन 2.0 से करीब 200 चिप डिजाइन कंपनियों के उभरकर सामने आने की उम्मीद है।
उन्होंने इसे देश के लिए "गेम चेंजर" बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की डिजाइन क्षमता अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विस्तारित हो रही है।
वैष्णव ने बताया कि सेमीकॉन 1.0 चिप-डिजाइन स्टार्टअप्स के लिए समर्थन का पहला चरण इलेक्ट्रानिक डिजाइन आटोमेशन (ईडीए) उपकरणों की उच्च लागत को संबोधित करने पर केंद्रित था।
इस पहल के तहत 105 से अधिक स्टार्टअप्स को ईडीए उपकरणों तक पहुंच मिली, जबकि 20 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त हुई। इस क्षेत्र की प्रगति ने बड़ी कंपनियों और भारतीय मूल के इंजीनियरों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया है।
एक प्रेस वार्ता में वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडिया 2026 में आयोजित राउंडटेबल्स में अमेरिका, जापान, नीदरलैंड्स, फिनलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जापान की कंपनियों ने भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी के अवसरों का मूल्यांकन किया है। कुछ देशों ने बड़े प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं, जो उत्साहजनक है।
भारतीय कंपनियों और वैश्विक भागीदारों के बीच महत्वपूर्ण मशीनों और खनिजों की आपूर्ति पर चर्चा शुरू हो चुकी है। उधर, टाटा इलेक्ट्रानिक्स और एलएंडटी सेमीकंडक्टर ने भारत में वैश्विक बाजारों के लिए सेमीकंडक्टर चिप बनाने के लिए भागीदारी की घोषणा की है। इसके लिए दोनों कंपनियों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
