नई दिल्ली: पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (सेवानिवृत्त) लक्ष्मीनारायण रामदास ने जेएनयू के छात्रों पर देशद्रोह का आरोप लगाए जाने को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में ऐसे कानून के लिए कोई जगह नहीं है।

रामदास ने जेएनयू के छात्रों को लेकर जारी वीडियो पर कहा कि सभी वीडियो तोड़-मरोड़कर तैयार किए गए हैं। अगर देश विरोधी नारे लगे तो कोई यह साबित कर सकता है कि किसने नारे लगाए। इसके लिए कुछ छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज करना हास्यास्पद है।

रामदास ने गिरफ्तार तीन छात्रों- कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के प्रति एकजुटता जताने के लिए शनिवार को जेएनयू का दौरा किया। पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि अपनी सैन्य ताकत दिखाकर कोई भी देश मजबूत नहीं हो सकता। राष्ट्र उसकी जनता से बनता है।

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उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों और सरकार को पहले यह देख लेना चाहिए कि देशद्रोह का मामला दर्ज करने लायक है या नहीं। राष्ट्रवाद का सिद्धांत केवल सेना और उसके लोगों तक सीमित नहीं है। वास्तव में इसका बहुत व्यापक मायने है।

Posted By: Rajesh Kumar

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