गुजरात में सड़कों पर दौड़ता हुआ स्कूल, कबाड़ बसों को कैसे बनाया गया डिजिटल क्लासरूम
गुजरात में सरकार ने 28 पुरानी बसों को सोलर पावर, ब्लैक बोर्ड, स्मार्ट टीवी, एलईडी लाइट के साथ खेलकूद के ...और पढ़ें

गुजरात में सड़कों पर दौड़ता हुआ स्कूल (फोटो- एक्स)
HighLights
गुजरात में श्रमिकों के बच्चों के लिए "स्कूल ऑन व्हील्स"
परिवहन विभाग की 28 पुरानी बसों को स्मार्ट क्लास रूम में बदला गया
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात में सरकार ने 28 पुरानी बसों को सोलर पावर, ब्लैक बोर्ड, स्मार्ट टीवी, एलईडी लाइट के साथ खेलकूद के सामान से सुसज्जित कर नमक श्रमिकों के बच्चों के लिए मोबाइल क्लास रूम में तब्दील कर दिया।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में इन बसों का लोकार्पण किया। बसों में बच्चों के बैठने के लिए टेबल, कुर्सी, पुस्तकालय, ब्लैक बोर्ड और पेयजल के साथ बच्चों के खेलने की भी सुविधा है। बिना बिजली के भी ये बसें करीब 48 घंटे तक संचालित की जा सकती हैं।
इसके अलावा सोलर पावर के चलते स्मार्ट टीवी, एलईडी लाइट आदि बिना किसी रुकावट के कार्य करते रहेंगे। एक बस में बीस छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा सकता है।
इनमें से 20 बसें सुरेंद्रनगर जिले की पाटडी तहसील में, चार बसें पाटण के सांतलपुर तथा दो बसें कच्छ के अंजार में नमक श्रमिकों के बच्चों के लिए भेजी गई हैं।
