क्या पेटेंट मामलों में दखल दे सकता है CCI? सुप्रीम कोर्ट करेगा अधिकार क्षेत्र की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) के एक फैसले पर रोक लगाते हुए यह जांचने का फैसला ...और पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट करेगा सीसीआई के पेटेंट मामलों में दखल के अधिकार की जांच (फाइल फोटो)
HighLights
सुप्रीम कोर्ट सीसीआई के पेटेंट मामलों में अधिकार क्षेत्र की जांच करेगा।
एनक्लैट के सीसीआई अधिकार सीमित करने वाले फैसले पर रोक।
यह मामला विफोर इंटरनेशनल एजी की पेटेंट दवा से संबंधित है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) के एक फैसले के कुछ हिस्सों पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) को पेटेंट अधिकारों से जुड़े प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के आरोपों की जांच करने का अधिकार है।
जस्टिस जेबी पार्डीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने एनक्लैट के उन निष्कर्षों पर रोक लगा दी, जिनमें कहा गया था कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम उन मामलों में लागू नहीं होता जहां प्रभुत्व के दुरुपयोग के दावे पेटेंट अधिकारों के उपयोग पर आधारित हैं और ऐसे विवाद केवल पेटेंट अधिनियम के दायरे में आते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील पर उसका विचार क्षेत्राधिकार के प्रश्न तक ही सीमित रहेगा और प्रतिस्पर्धा विवाद के गुण-दोषों पर लागू नहीं होगा। यह मामला एनक्लैट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें सीसीआइ के 2022 के उस फैसले को बरकरार रखा गया था, जिसमें स्विस दवा कंपनी विफोर इंटरनेशनल एजी के खिलाफ उसके पेटेंट वाली दवा फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोस से संबंधित शिकायत को बंद कर दिया गया था।
सीसीआइ ने शिकायत को मेरिट के आधार पर खारिज कर दिया था, लेकिन एनक्लैट ने एक कदम आगे बढ़कर यह माना कि सीसीआइ के पास अधिकार क्षेत्र बिल्कुल नहीं है, क्योंकि पेटेंट अधिनियम एक विशेष कानून होने के नाते पेटेंट अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रतिस्पर्धा अधिनियम से ऊपर है।
