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निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और हरियाणा सरकार से मांगा जवाब; मुआवजे के तंत्र पर उठाए सवाल

Published: Tue, 22 Sep 2026 01:49 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण मजदूरों की व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों पर केंद्र व हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर केंद्र और हरियाणा से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर केंद्र और हरियाणा से मांगा जवाब

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण मजदूरों की सुरक्षा पर जवाब तलब किया।

  2. केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया गया।

  3. गुरुग्राम दुर्घटना के बाद व्यावसायिक सुरक्षा मानकों की मांग।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण व अन्य निर्माण गतिविधियों में शामिल मजदूरों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को निर्धारित करने को निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीशों जायमाल्या बागची और वी.मोहन की पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता 'नेशनल कैंपेन कमेटी फार सेंट्रल लेजिस्लेशन आन कंस्ट्रक्शन लेबर' (एनसीसीसीएलसीएल) की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण की प्रस्तुतियों पर ध्यान दिया और नोटिस जारी किए।

याचिका में नौ मार्च, 2026 को गुरुग्राम के सिधरावली क्षेत्र में एक निर्माण स्थल पर हुई दुर्घटना की स्वतंत्र, समयबद्ध जांच और मृतक तथा घायल श्रमिकों के लिए मुआवजा और पुनर्वास लाभ की मांग की गई है।

भूषण ने कहा कि याचिका में निर्माण श्रमिकों की व्यावसायिक सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है। व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों का कोड (ओएसएच), 2020 इस मुद्दे को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं करता है। सामान्यतः निर्माण स्थल पर किसी भी दुर्घटना के बाद श्रमिकों को दिए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण के लिए कोई तंत्र नहीं है।

जस्टिस बागची ने कहा, "यह कानून में एक अनियोजित क्षेत्र नहीं है। आप कानूनों की जांच कर सकते हैं और यदि कोई दोष है तो उसे इंगित कर सकते हैं।"

अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड अबीहा जैदी के माध्यम से दायर याचिका में केंद्र से 2020 के कोड के तहत निर्माण कार्यों से संबंधित कार्यस्थलों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों की घोषणा करने का भी निर्देश मांगा गया।

याचिका में 'सिग्नेचर ग्लोबल सिटी आफ कलर्स' में हुई घटना की व्यापक जांच के भी निर्देश मांगे गए हैं, जिसमें डेवलपर, उसके निदेशकों और प्रबंधन कर्मियों, परियोजना और सुरक्षा अधिकारियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिकाओं की जांच शामिल है।

मार्च में एक निर्माण स्थल पर मिट्टी का एक ढेर गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई और तीन नेपाली पुरुष समेत चार अन्य घायल हो गए थे।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)