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'बेकार बहाने नहीं चलेंगे', फुटेज न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लगाई फटकार

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:06 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में 2023 के वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग न मिलने पर चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लगाई फटकार।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लगाई फटकार।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को वीडियो रिकॉर्डिंग न मिलने पर फटकारा।

  2. कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती का मामला।

  3. टीडी राजेगौड़ा ने संशोधित चुनाव परिणाम को चुनौती दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग को 2023 में कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग न ढूंढ पाने के लिए फटकार लगाई और कहा कि वह बेकार बहाने स्वीकार नहीं करेगा। कोर्ट ने सवाल किया कि चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसने खुद कराए गए चुनाव के रिकॉर्ड खो दिए हैं।

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने तब कड़ी नाराजगी जताई जब चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि मूल गिनती का फुटेज नहीं मिल सका है।

कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में उनके पास जो भी रिकॉर्ड हैं, उन्हें पेश करे। साथ ही चेतावनी दी कि अगर दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो कोर्ट इसके खिलाफ कोई सख्त रुख अपना सकता है।

बेकार बहाने स्वीकार नहीं करेंगे- कोर्ट

बेंच ने पूछा, 'भारत का चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि उनसे रिकॉर्ड खो दिए हैं। आपका मुख्य काम चुनाव कराना है और आपके पास दस्तावेज होने चाहिए। आप यह कैसे कह सकते हैं कि हम इसे खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हम इस तरह के बेकार बहाने स्वीकार नहीं करेंगे।

टीडी राजेगौड़ा की याचिका पर सुनवाई

कोर्ट ने कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के संशोधित चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। राजेगौड़ा ने शुरू में 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में यह सीट जीती थी। बाद में बीजेपी उम्मीदवार जीवराज ने कर्नाटक हाई कोर्ट में इस परिणाम को चुनौती दी।

हाई कोर्ट ने बाद में पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती का निर्देश दिया, जिसमें 279 खारिज पोस्टल वोटों का दोबारा सत्यापन भी शामिल था।

दोबारा गिनती के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर ने संशोधित परिणाम की घोषणा की जिसमें जीवराज को विजेता घोषित किया गया। इसके बाद राजेगौड़ा ने इस घटनाक्रम को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मई में, सुप्रीम कोर्ट ने राजेगौड़ा को अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि जब तक उनकी याचिका लंबित है, वे विधानसभा सदस्या के तौर पर बने रहें। राजेगौड़ा ने चुनाव पर्यवेक्षक की रिपोर्ट और 2023 में हुई मूल गिनती और इस हुई दोबारा गिनती, दोनों की वीडियो रिकॉर्डिंग देखने की मांग की है।