'कान काटकर खा गए और जमानत मांग रहे हो', सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने रांची में जन्माष्टमी की रात हुई हिंसक झड़प के आरोपी राजीव कुमार रंजन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज।
रांची हिंसा मामले में आरोपी का कान काटा था।
झारखंड हाई कोर्ट ने भी जमानत से किया था इनकार।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि आपने उसका कान काटा और खा गए।
जस्टिस जेबी पादरीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच झारखंड हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रांची में जन्माष्टमी की रात हुई हिंसक झड़प के मामले में राजीव कुमार रंजन को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
आरोपी के वकील ने दलील दी कि पड़ोसियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो एक रात बढ़ गया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई थीं। आरोपी के वकील ने कहा कि यह घटना जन्माष्टमी की रात हुई थी, जब लोग जश्न मना रहे थे।
कोर्ट ने टिप्पणी की, 'आपने पहले बंदूक निकाली, फिर उसका कान पकड़ा और पूरा कान काट लिया और अब आप अग्रिम जमानत चाहते हैं?'
आरोपी ने खुद को बताया पीड़ित
आरोपी के वकील ने दावा किया कि इस झड़प में उनके क्लाइंट की भी पिटाई हुई थी। उन्होंने कहा कि उसे जमीन पर दबा दिया गया, उसके हाथ-पैर पकड़ लिए गए और उसकी छाती पर कट का निशान आया।
इस पर कोर्ट ने पूछा, 'क्या आप मानते हैं कि लड़ाई हुई थी?'
वकील ने जवाब दिया, 'हां, लड़ाई हुई थी और कहा कि और क्लाइंट जांच में सहयोग करने को तैयार है।' हालांकि कोर्ट इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ और अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
2024 में दर्ज हुई FIR
राजीव रंजन कुमार के खिलाफ 2024 में रांची के अरगोड़ा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। उन पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तरह आरोप लगाए गए, जिसमें धारा 118 भी शामिल है। यह धारा खतरनाक हथियारों या औजारों से जान-बूझकर चोट पहुंचाने या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है।
हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
झारखंड हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित के सिर और चेहरे पर कई गंभीर घाव थे।
