नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गोवा के मोपा में एक ग्रीनफिल्ड हवाई अड्डे का निर्माण कार्य बहाल करने का आग्रह करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की लंबित याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए विशेष पीठ का गठन करने से साफ मना कर दिया है। 

 

अटर्नी जनरल ने चीफ जस्टिस से कही ये बात

अटर्नी जनरल के.के वेणुगोपाल ने आज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस एस.ए नजीर और जस्टिस एस.ए बोबडे की पीठ से कहा कि पिछले 10 महीने से हवाई अड्डे का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। कार्य रुका हुआ है। राज्य सरकार ने जो याचिका दाखिल की थी वह भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़ी हुई है। इस पर तीनों जजों की पीठ ने कहा कि फिलहाल, में इस तरह की स्थिति में नहीं है कि किसी विशेष पीठ का गठन कर सकें। पीठ ने आगे कहा कि अटर्नी साहब हमारी जो मौजूदा स्थिति है वह हमें ऐसा करने की इजाजत नहीं देती है। 

जीएमआर कंपनी के वकील ने कही ये बात

इस दौरान जीएमआर कंपनी की तरफ से जो वकील पेश हुए था उसने कहा कि न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली एक पीठ पहले से ही इस मामले की सुनवाई कर चुकी है और अब इस मामले को जल्द से जल्द खत्म करने की जरुरत है। 

इस वजह से रुका हुआ है निर्माण कार्य

जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले हवाई अड्डे परियोजना के लिए दी हुई मंजूरी को बर्खास्त कर दिया था। तभी से इस हवाई अड्डे का निर्माण कार्य रुका हुआ है। दरअसल, परनेम के मोपा गांव में गोवा का दूसरा हवाई अड्डा बन रहा है। माना जा रहा है कि 2020 के मध्य से इस हवाई अड्डे पर सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इस हवाई अड्डे के निर्माण के ठेका जीएमआर को दिया गया है।

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