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14 साल पुराने कर्नाटक रेप-मर्डर केस की नए सिरे से होगी जांच, सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने में मांगी रिपोर्ट 

Published: Mon, 21 Sep 2026 11:21 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के धर्मस्थल में 2012 के नाबालिग दुष्कर्म और हत्या मामले में नए सिरे से एसआईटी जांच का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 धर्मस्थल दुष्कर्म-हत्या मामले में एसआईटी जांच का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 धर्मस्थल दुष्कर्म-हत्या मामले में एसआईटी जांच का निर्देश

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के धर्मस्थल इलाके में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के 2012 के बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्या मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) से नए सिरे से जांच कराने का निर्देश दिया है।

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने मृतका की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में पूर्व की जांच प्रक्रिया कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है।

कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को आधुनिक तकनीक से लैस कुशल अधिकारियों वाले एक विशेष जांच दल गठित करने को कहा है, जिसका नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे।

हालांकि, पिछली जांच टीमों (स्थानीय पुलिस, सीआइडी या सीबीआइ) से जुड़े किसी भी अधिकारी को एसआइटी में शामिल नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया कि पूर्व में मुकदमे का सामना कर चुके और बरी हो चुके एकमात्र आरोपित संतोष राव को दोबारा जांच के दायरे में नहीं लाया जाएगा।

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि लापरवाह जांच से असली दोषियों को फायदा मिला है, जबकि नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाना समाज का कर्तव्य है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)