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गर्भवती पत्रकार से 'बदसलूकी' मामले में राहुल को नोटिस, तीन नवंबर को सुनवाई

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:39 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने एक गर्भवती पत्रकार से कथित बदसलूकी के मामले में राहुल गांधी और अन्य को नोटिस जारी किया है।

गर्भवती पत्रकार से 'बदसलूकी' मामले में राहुल को नोटिस।

गर्भवती पत्रकार से 'बदसलूकी' मामले में राहुल को नोटिस।

HighLights

  1. राहुल गांधी को गर्भवती पत्रकार से बदसलूकी पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस।

  2. घटना 12 अक्टूबर को 'INDI' गठबंधन के मार्च के दौरान हुई।

  3. मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर को निर्धारित की गई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर 12 अक्टूबर को विपक्षी 'INDI' गठबंधन के मार्च के दौरान एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई।

आरोप है कि इस दौरान एक न्यूज वेबसाइट के लिए काम करने वाली तीन महीने की गर्भवती पत्रकार ऋचा पराशर के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई, जिससे जमीन पर गिरने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अब तीन नवंबर को होगी।

कोर्ट में यह मामला वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया द्वारा उठाया गया। उनके माध्यम से कोर्ट में पेश की गई याचिका में आरोप लगाया गया कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में भीड़भाड़ और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बीच राहुल गांधी ने महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का दिया, जिससे वे अपना संतुलन खो बैठीं और जमीन पर गिर गईं।

याचिका के मुताबिक, उन्होंने पत्रकार का हाथ भी आक्रामक तरीके से खींचा था। इस घटना के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज करने, आरोपितों पर सख्त कार्रवाई करने और मुआवजे की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने पहले ही इस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सीजेआई द्वारा विपक्षी नेताओं को ज्ञापन सौंपने के लिए व्यक्तिगत रूप से मिलने से इनकार करने के बाद, राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।

इस गंभीर आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया है। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने ऐसे वीडियो भी साझा किए हैं, जिनमें यह सवाल उठाया गया है कि क्या इन विजुअल्स से यह साबित होता है कि राहुल गांधी ने धक्का दिया था।

(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)