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'अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ नहीं बनता कोई संज्ञेय अपराध', हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत

Published: Fri, 01 May 2026 05:29 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली सीएए प्रदर्शनों के दौरान भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के कथित नफरती ...और पढ़ें

हेट स्पीच मामले में अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को मिली राहत (फाइल फोटो)

हेट स्पीच मामले में अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को मिली राहत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने नफरती भाषण मामले में फैसला सुनाया

  2. अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा को संज्ञेय अपराध से राहत

  3. दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले से शीर्ष अदालत सहमत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2020 में दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा द्वारा दिए गए कथित नफरती भाषणों के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। भाजपा सांसद ठाकुर पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जबकि वर्मा दिल्ली सरकार में मंत्री हैं।

29 अप्रैल को नफरती भाषणों से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर सुनाए गए निर्णय में जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने माकपा के नेताओं वृंदा करात और के.एम. तिवारी द्वारा दायर याचिका पर भी विचार किया, जिन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के जून, 2022 के निर्णय को चुनौती दी थी।

कोर्ट ने खारिज की याचिका

हाई कोर्ट ने करात और तिवारी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ठाकुर और वर्मा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

भाषणों में कोई संज्ञेय अपराध का गठन नहीं होता

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में नोट किया कि हाई कोर्ट ने स्वतंत्र रूप से आकलन करते हुए कहा कि भाषणों में कोई संज्ञेय अपराध का गठन नहीं होता है। साथ ही ये बयान किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं थे और ना ही उन्होंने हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था को भड़काया।

कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, ''रिकार्ड पर प्रस्तुत सामग्री में कथित भाषण 26 फरवरी, 2020 की स्थिति रिपोर्ट और निचली अदालतों द्वारा दर्ज किए गए कारण शामिल हैं, पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद हम इस निष्कर्ष से सहमत हैं कि कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता।''

क्या दिया है तर्क?

माकपा नेताओं ने दावा किया कि 27 जनवरी, 2020 को ठाकुर ने रिठाला में एक रैली में कथित रूप से नफरती भाषण दिया। उन्होंने दावा किया कि 28 जनवरी, 2020 को वर्मा ने भड़काऊ भाषण दिए। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)