नई दिल्ली, माला दीक्षित। Harassment allegations against CJI Ranjan Gogoi सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने वकील उत्सव बैंस को नोटिस जारी किया है। बैंस ने कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर दावा किया कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के मामले में साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख दी है। साथ ही, कोर्ट ने उत्सव बैंस को सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश होने का आदेश  दिया है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें वो सामग्री भी पेश करने के लिए कहा है जिसका जिक्र उन्होंने हलफनामे में किया है। 

गौरतलब है कि सोमवार को वकील उत्‍सव बैंस ने दावा किया कि सीजेआई पर उक्‍त आरोप उन्‍हें बदनाम करने की साजिश के तहत लगाए गए हैं, जिससे कि वो घबरा जाए और अपने पद से इस्तीफा दे दें। इतना ही नहीं, बैंस ने ये भी दावा किया कि इस साजिश में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क किया गया था। उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार नहीं किया।

बैंस कहा कि उनसे एक युवक द्वारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में इस बारे में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि उस शख्स ने आसाराम मामले में पीड़ित पक्ष में मेरे किए काम की सराहना की। हालांकि, उस शख्स ने उनसे कहा कि वो पीड़िता का रिश्तेदार है, लेकिन उन्हें ऐसा लगा नहीं। 

उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि अगर मैं पीड़ित व्यक्ति की पैरवी करता हूं, तो वो मुझे 50 लाख रुपये देगा। मेरे इनकार के बाद भी वो व्यक्ति माना नहीं उसने मुझे 1.5 करोड़ रुपये देने की बात कही थी। मैंने उसे साफ इनकार कर दिया और उसे वहां से चले जाना के लिए कहा। इसके बाद मैंने भरोसमंद सूत्रों से मामले के बारे में जाना तब मुझे पता चला कि मुख्य न्यायधीश के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है, ताकि वो अपने पद से इस्तीफा दे दें। बैंस ने कहा कि इस साजिश में दिल्ली के कई दिग्गज लोग शामिल हैं। बैंस इस बारे में सचेत करने के लिए मुख्य न्यायधीश के घर भी गए थे, लेकिन वो वहां मौजूद नहीं थे। 

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