नई दिल्ली। प्रोन्नति की दो नीतियां अपनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सेना पर नाराजगी जाहिर की। शीर्ष अदालत ने कहा कि सेना प्रमुख किस तरह सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के वकील बताया कि केंद्र ने नए 'कमांड एग्जिट प्रमोशन' नीति को मंजूरी दी है, लेकिन सेना द्वारा इस नीति के तहत सभी रिक्तियां नहीं भरी गई है। कुछ पदों को यथानुपात आधार पर भरा गया है। इसके बाद अदालत ने सवाल उठाया।

जस्टिस टीएस ठाकुर और आर भानुमति की बेंच ने सवाल किया कि क्या सरकार ने इसमें कोई अपवाद रखा है? सेना प्रमुख किस तरह सरकार के आदेश को धता बता सकते हैं।

बेंच ने आगे सवाल किया, 'क्या अपवाद आपने अपनाया' बेंच ने आगे पूछा कि सेना किस तरह अपने दम पर यथानुपात आधार के तहत कुछ रिक्तियों को भर सकती है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने पैरवी की।

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Edited By: Sanjay Bhardwaj