नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोविड संक्रमित होने या परिवार के संक्रमित लोगों के कारण आखिरी प्रयास से चूक जाने वाले यूपीएससी सिविल सेवा के अभ्यर्थी उपुयक्त प्राधिकार के समक्ष अपनी बात रखते हुए अतिरिक्त मौके की मांग कर सकते हैं।

प्राधिकार महामारी के कारण पैदा हुई स्थितियों के मद्देनजर इस संबंध में उदार दृष्टिकोण अपना सकता है। जस्टिस एएम खानविल्कर व जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों की तरफ से दाखिल याचिका पर उक्त टिप्पणी की।

अभ्यर्थियों ने याचिका में अतिरिक्त मौका देने की मांग करते हुए कहा था कि खुद या परिवार के सदस्य के संक्रमित होने के कारण वे अक्टूबर 2020 में अपने आखिरी प्रयास से चूक गए थे। उन्हें आपदा प्रबंधन कानून के तहत स्थानीय प्राधिकारियों ने आइसोलेशन में रहने को कहा था। पीठ ने कहा कि उसे अभ्यर्थियों से सहानुभूति है, लेकिन इसी साल तीन सदस्यीय पीठ फैसला सुना चुकी है। 24 फरवरी को तीन सदस्यी पीठ ने इस संबंध में दाखिल एक याचिका खारिज कर दी थी।

बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 के संयुक्त रूप से होने वाले आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र में संशोधन के लिए अप्लीकेशन विंडो आज, 19 जुलाई 2021 को बद कर दी गई है। आयोग के नोटिस के अनुसार, जो उम्मीदवार यूपीएससी सिविल सर्विसेस एग्जाम 2021 के प्रिलिम्स चरण के लिए पहले से चुने गये परीक्षा केंद्र के शहर में संशोधन करना हैं और इसके लिए अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे यूपीएससी के अप्लीकेशन पोर्टल, upsconline.nic.in पर उपलब्ध कराये गये लिंक या नीचे दिये गये डायरेक्ट लिंक के परीक्षा केंद्र में बदलाव कर सकते हैं। उम्मीदवारों को देना चाहिए कि अप्लीकेशन विंडो आज शाम 6 बजे तक ही खुली रहेगी। बता दें कि एग्जाम सेंटर परिवर्तन के लिए अप्लीकेशन करेक्शन विडों 12 जुलाई को ओपेन हुई थी।