'अदालत के आदेश पर क्या हुई कार्रवाई', सुप्रीम कोर्ट ने सीएपीएफ मामले में केंद्र को फाइलें पेश करने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कैडर समीक्षा प्रस्तावों से संबंधित मूल फाइलें पेश करने का निर्देश दिया है।

सीएपीएफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय से मांगी मूल फाइलें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गृह मंत्रालय से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कैडर समीक्षा प्रस्तावों से जुड़ी मूल फाइलें पेश करने को कहा। इस मामले में शीर्ष अदालत ने 2025 में निर्देश पारित किए थे।
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि नए सीएपीएफ कानून के लागू होने का पांच सीएपीएफ के कैडर की समीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता।
पीठ ने कहा कि गृह मंत्रालय अदालत के आदेश के बाद की गई कार्रवाई का ब्योरा देने वाली फाइलें पेश करे, जिसमें कैडर समीक्षा के प्रस्ताव पर की गई कार्रवाई भी शामिल हो।
जस्टिस मिश्रा ने केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि मंत्रालय को सभी फाइलें पेश करनी चाहिए। भाटी ने पीठ को भरोसा दिलाया कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है और सरकार ने मई, 2025 में अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए सद्भावनापूर्वक काम किया है।
मामले में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। शीर्ष अदालत सीएपीएफ के कुछ अधिकारियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
