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न्यायिक अ​धिकारियों की सेवानिवृ​त्ति की आयु बढ़ाने पर विचार करें राज्य,सुप्रीम कोर्ट का निर्देश 

Published: Wed, 22 Jul 2026 06:35 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 61 वर्ष करने पर विचार करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश। (एएनआई)

सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश। (एएनआई)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने को कहा।

  2. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 60 से 61 वर्ष करने पर विचार।

  3. यह अंतरिम व्यवस्था 1 अप्रैल, 2026 से होगी लागू।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को 60 वर्ष से बढ़ाकर 61 वर्ष करने पर विचार करें।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने यह निर्देश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया, जिसमें देशभर में जिला अदालतों के जजों की सेवानिवृत्ति आयु को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग की गई है।

पीठ ने आदेश दिया, "सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वे इस मामले में अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले हाई कोर्ट से परामर्श करके कोई निर्णय लें। अगर वे सहमत होते हैं तो ऐसे राज्यों में न्यायिक अधिकारियों को 61 वर्ष की उम्र तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाएगी। सेवा में बने रहने की यह अनुमति इन कानूनी कार्यवाही के अंतिम नतीजों पर निर्भर करेगी।"

यह प्रविधान एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट के जज 65 वर्ष तो हाई कोर्ट के जज 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। पीठ ने यह भी कहा कि इस अंतरिम व्यवस्था का असर इस मुख्य कानूनी सवाल के अंतिम फैसले पर नहीं पड़ेगा कि क्या देशभर में जिला न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र एक समान 60 वर्ष बढ़ाकर 62 वर्ष कर देनी चाहिए।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)