नई दिल्ली, प्रेट्र । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूपीएल ग्रुप के सीईओ जयदेव श्रॉफ से अलग रह रहीं उनकी पत्नी पूनम जयदेव श्रॉफ से कहा कि वो एक हफ्ते के भीतर मुंबई में अपनी पसंद का कोई किराये का मकान ढूंढ लें। अगर वह ऐसा नहीं करती हैं तो अदालत बांबे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से उनके लिए मकान ढूंढने को कहेगी और जिसे उन्हें लेना ही पड़ेगा।

मुंबई के बांद्रा स्थित पारिवारिक अदालत में दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा है। अंतिम फैसला होने तक पारिवारिक अदालत ने पूनम से अपने लिए किराये पर मकान ढूंढने को कहा था, जिसका किराया जयदेव श्रॉफ देने के लिए राजी हैं। पारिवारिक अदालत के फैसले के मुताबिक शीर्ष अदालत ने भी पिछली सुनवाई पर पूनम श्रॉफ से मकान तलाश करने को कहा था। लेकिन जब बताया गया कि अभी वो मकान नहीं ढूंढ पाई हैं तो शीर्ष अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वो हाई कोर्ट की रजिस्ट्री से उनके लिए घर तलाश करा लेगा, जिसे उन्हें स्वीकार करना ही होगा।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्सि बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, 'आप मकान चाहती हैं या नहीं? आप घर तलाश कर अगले हफ्ते आएं। मुंबई में सभी तरह के लोग रहते हैं और सभी तरह के लोगों के लिए वहां मकान हैं।'

पूनम श्रॉफ के वकील ने कहा कि उन्हें घर के किराये के रूप में 25 लाख रुपये दे दिया जाए। जयदेव श्रॉफ के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वो किराये पर घर लें, उनका मुवक्किल किराये का भुगतान करेगा।

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने बिजनसमैन जयदेव श्रॉफ की पत्नी पूनम श्रॉफ की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने और अपनी बेटी के लिए मासिक गुजारा भत्ता को बढ़ाने की मांग की थी। पूनम ने कोर्ट में अर्जी देकर अपने लिए 1.3 करोड़ रुपये और अपनी बेटी के लिए 30 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ते की मांग की थी।

इससे पहले एक फैमिली कोर्ट ने जयदेव श्रॉफ को पूनम के लिए 7 लाख रुपये और उनकी बेटी के लिए 5 लाख रुपये हर महीने मासिक भत्ते के रूप में देने के लिए कहा था। गौरतलब है कि पूनम और जयदेव ने अपने 11 साल के वैवाहिक जीवन के बाद तलाक ले लिया था।

पूनम ने कोर्ट में पेश की थी खर्चों की लिस्ट

इससे पहले पूनम श्रॉफ ने कोर्ट के सामने अपने मासिक खर्च की लिस्ट पेश की थी। इसमें उन्होंने लगातार पार्टियों के लिए 30-50 लाख रुपये, व्यक्तिगत शॉपिंग के लिए 15 लाख रुपये और एक प्राइवेट जेट की भी मांग की थी। उन्होंने इसके लिए यूपीएल में जयदेव की मोटी इनकम का हवाला दिया था। वहीं जयदेव श्रॉफ के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि श्रॉफ द्वारा पूनम पर किए गए ज्यादातर खर्चे उनकी कंपनी ने वहन किए थे क्योंकि वह कंपनी के ग्लोबल सीईओ थे। ऐसे में मासिक गुजारा भत्ता के लिए उनके व्यक्तिगत खर्चों का हवाला नहीं दिया जा सकता।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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