चेन्नई, आइएएनएस : अन्नाद्रमुक के विधायकों ने पार्टी महासचिव वीके शशिकला को विधायक दल का नेता चुन लिया है। इससे 62 वर्षीय शशिकला के तमिलनाडु की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। तमिलनाडु की पहली महिला सीएम जानकी रामचंद्रन, दूसरी जयललिता के बाद तीसरी महिला सीएम शशिकला बनेंगी।

तीन दशकों तक दिवंगत जयराम जयललिता की सहयोगी रही शशिकला मौजूदा मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम की जगह लेंगी। दिसंबर में जयललिता के निधन के बाद उन्होंने ही सत्ता संभाली थी। लेकिन कहा जा रहा है कि पन्नीरसेल्वम के जोर देने पर अन्नाद्रमुक प्रमुख शशिकला अब मुख्यमंत्री का भी पद संभालेंगी। शशिकला ने बताया कि उनकी पार्टी के सभी लोगों को कहना है कि यह दोनों पद एक व्यक्ति को ही संभालने चाहिए।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार जयललिता के पदचिह्नों पर ही चलेगी। पार्टी नहीं चाहती कि जयललिता के बाद बिना किसी करिश्माई नेता के अभाव में वोट बैंक में गिरावट आए। शशिकला फिलहाल बेहिसाब संपत्ति के मामले में आरोपी हैं। इस पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट को फैसला देना है। अगर उन्हें दोषी पाया गया तो शशिकला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

यह भी पढ़ें: शशिकला ने वरिष्ठ मंत्रियों को पार्टी में किया शामिल

अन्नाद्रमुक के सूत्रों के अनुसार अम्मा जयललिता का स्थान पार्टी में लेनी वाली उनकी सहयोगी चिनअम्मा (छोटी मां) शशिकला का नाम विधायक दल के नेता के रूप में पन्नीरसेल्वम ने ही रखा था। इस प्रस्ताव का फिर सभी विधायकों ने समर्थन किया। दूध और डेयरी विकास मंत्री केटी राजेंत्र बालाजी ने कहा कि एक बहादुर तमिल महिला बनेगी। शशिकला थेवर समुदाय की हैं जिसका अन्नाद्रमुक में शुरू से ही खासा दबदबा रहा है।

जयललिता की करीबी होने के बावजूद शशिकला ने जनता के सामने उनके जीते जी कभी नहीं आईं। हालांकि पार्टी में उनका अच्छा दखल एक अरसे से था। चेन्नई से 330 किलोमीटर दूर थिरुथुरईपूंडी में 1957 में जन्मी शशिकला की शादी तमिलनाडु सरकार में पीआरओ रहे एम.नटराजन से हुई थी।

यह भी पढ़ें: जयललिता की भतीजी दीपा को स्वीकार नहीं शशिकला, नई पार्टी बनाने के दिए संकेत

1980 के दशक में नटराजन ने दक्षिण अरकट जिले की कलेक्टर वीएस चंद्रलेखा से शशिकला की जयललिता से मुलाकात कराने की अपील की थी। तत्कालीन अन्नाद्रमुक प्रचार सचिव नटराजन ने तब यह प्रस्ताव रखा कि शशिकला ही जयललिता के कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी करेंगी। जयललिता भी शशिकला के काम से संतुष्ट थीं। इसके बाद दोनों ही पक्की सहेलियां बन गईं।

कुछ समय बाद शशिकला चेन्नई स्थित जयललिता के घर पोयस गार्डन में शिफ्ट हो गईं। धीरे-धीरे अपने विश्वास पात्र लोगों को वहां लाकर शशिकला ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली। लेकिन 2011 में जयललिता और शशिकला के संबंधों में कड़वाहट आ गई। जयललिता ने शशिकला और उसके परिजनों को अपने घर से बाहर निकाल दिया। लेकिन कुछ अरसे बाद उनमें सुलह हो गई थी।

Posted By: Kishor Joshi