भोपाल(नई दुनिया)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अर्जुन सिंह का पारिवारिक विवाद अदालत पहुंच गया है। अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज कुमारी ने अपने बेटे मप्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, उनकी पत्नी सुनीति सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दायर किया है।

सरोज कुमारी ने अदालत में पेश किए दावे में कहा कि अजय सिंह हर माह 10 लाख रुपए कमा रहे हैं, फिर भी वह मेरी देखभाल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि उन्हें राजधानी स्थित अपने निवास देवश्री (केरवा कोठी) में रहने की जगह दिलवाई जाए।

भोपाल में अर्जुन सिंह की संपत्ति के रूप में केरवा कोठी है और सरोज कुमारी के वकील का दावा है कि कोठी पर अर्जुन सिंह की पत्नी व बेटों का संयुक्त मालिकाना हक है।

अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज कुमारी अपनी बेटी वीणा सिंह और उद्योगपति सेम वर्मा के साथ मंगलवार को भोपाल अदालत पहुंची थीं। उनके वकील दीपेश जोशी ने उनका एक परिवाद न्यायिक दंडाधिकारी गौरव प्रज्ञानन की अदालत में दायर किया। परिवाद घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 से संबंधित है। इसमें सरोज कुमारी ने अपने बेटों अजय सिंह 'राहुल भैया", अभिमन्यु सिंह और सुनीति सिंह पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि दोनों बेटों व बहू ने उन्हें उनके निवास से बेदखल कर दिया है और भरण पोषण करने से भी इनकार कर दिया है।
एनआरआई उद्योगपति भी साथ रहे
सरोज कुमारी अदालत में व्हील चेयर पर पहुंची थीं। उनके साथ बेटी वीणा सिंह और एनआरआई उद्योगपति सेम वर्मा भी थे। वीणा सिंह से अजय सिंह के संबंध लंबे समय से खराब हैं और वे एक बार चुनाव भी लड़ चुकी हैं। सेम वर्मा अर्जुन सिंह के निकटस्थ रहे हैं।
चार धाराओं में हो सकती है कार्रवाई
सरोज कुमारी के वकील दीपेश जोशी ने मीडिया को कहा है कि सरोज केरवा कोठी में रहना चाहती हैं, जिसमें संयुक्त रूप से बेटे अजय सिंह का भी मालिकाना है। मगर अजय सिंह ने उन्हें वहां रहने से मना कर दिया है और भरण पोषण भी नहीं कर रहे हैं। इसलिए सरोज कुमारी ने अदालत में घरेलू हिंसा में परिवाद प्रस्तुत दिया है। इसमें धारा 18, 19, 20 व 21 के तहत कार्रवाई हो सकती है। अभी तक वो दिल्ली में रह रही थीं। एक बार पोते की शादी में भोपाल आईं थीं, तब भी उन्हें केरवा कोठी की जगह निजी होटल में ठहराया गया। एक दिन बाद वापस दिल्ली में रहने को कहा गया।

जोशी ने यह भी कहा है कि इस मामले को सुलझाने के लिए सरोज कुमारी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भी मुलाकात की थी और उन्होंने अजय सिंह से बात करके हल निकालने का आश्वासन दिया था। इस मुलाकात के बाद भी उन्हें जब कोई हल दिखता नजर नहीं आया तो परिवाद दायर किया गया। वे कमलनाथ के अलावा स्वामी अवधेशानंद गिरी, देवर डॉ. सज्जन सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से भी मिली थीं।
पांच साल में बढ़ी 7.5 लाख रुपए हर माह कमाई
अदालत में पेश दावे में कहा गया है कि अजय सिंह ने वर्ष 2013 में चुनाव आयोग को आय के संबंध में दिए गए घोषणा पत्र में प्रति माह ढाई लाख रुपए आय होना बताया है, जो कि वर्ष 2018 बढ़कर 10 लाख रुपए प्रतिमाह हो गई है।
कब-क्या हुआ
- 2011 में अर्जुन सिंह के निधन के बाद केंद्र की कांग्रेस सरकार ने उन्हें सरकारी कैनिंग बंगला आवंटित किया था।
- 2015 में केंद्र में सरकार बदलते ही आवास खाली करा लिया।
- 2015 के बाद सरोज कुमारी दिल्ली में अलग-अलग जगह रहीं।
- नवंबर 2015 में जयंती के विज्ञापनों में सरोज कुमारी और वीणा सिंह का नाम प्रकाशित नहीं होने पर पारिवारिक विवाद उभरा था।

पति के उसूलों को बेटे ने ताक में रखा
मेरे पति ने जीवन पर्यन्त कांग्रेस पार्टी में रहकर उसूलों पर कार्य किया, जिनमें महिलाओं को संरक्षण और असहाय व्यक्तियों के लिए सहयोग प्राथमिकता पूर्ण थे। परंतु मेरे बेटे अजय सिंह ने पार्टी के उन्हीं उसूलों को ताक पर रखकर मुझे मेरे घर से बेदखल कर दिया। मुझे इस अवस्था एवं उम्र में अपना निवास छोड़कर अलग-अलग जगह रहना पड़ रहा है। इसलिए अदालत से अपने निवास में रहने की सहायता चाही है
- सरोज कुमारी, अर्जुन सिंह की पत्नी
अविश्वास प्रस्ताव के पहले सरकार का षड्यंत्र
कांग्रेस मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली थी और उसके पहले यह घटनाक्रम होना, सरकार का षड्यंत्र है। अदालत में मां के साथ सेम वर्मा भी थे और वे सोमवार को सरकार में किस-किस से मिले यह षड्यंत्र की तरफ इशारा करता है। अदालत में प्रस्तुत परिवाद का नोटिस आने पर जवाब दिया जाएगा।
- अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष और अर्जुन सिंह के पुत्र

परिवाद में यह भी लगाए आरोप
1. हक त्याग के दस्तावेज फर्जी- परिवाद में आरोप है कि अजय सिंह ने उन्हें सूचित किया है कि उनके पिता अर्जुन सिंह और उन्होंने मिलकर केरवा कोठी पर अपने समस्त हक त्याग कर दिए हैं इसलिए उनका कोठी पर अब कोई हक नहीं बनता है। इस संबंध में जो दस्तावेज बनाए गए हैं। वह फर्जी हैं ऐसे दस्तावेजों पर उन्होंने कभी भी दस्तखत नहीं किए हैं।
2. केन्द्र सरकार की स्वास्थ्य योजना से हो रहा इलाज- सरोज कुमारी ने आरोप लगाया है कि उनका इलाज केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना के माध्यम से हो रहा है। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार ही उनकी दवाइयांे और इलाज का खर्च उठा रही है। उनके बेटे-बहू और पोता उनकी देखभाल करने से भी कतराते हैं।
3. पोते की शादी में नहीं किया सम्मिलित- सरोज कुमारी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे-बहू ने वर्ष 2016 में उनके पोते अभिमन्यु सिंह की शादी में भी सम्मिलित नहीं किया। उन्‍हें सिर्फ रिसेप्शन में आने की सूचना दी थी।
4. गुरु की बात भी नहीं मानी- अजय सिंह ने अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरी की बात को भी ठुकरा दिया। गुरुजी ने अजय सिंह को उनकी मां देखभाल करने के लिए कहा था। वे तो अपने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की बात नहीं मानते।
अदालत से मांगी यह सहायता
1. अजय सिंह उनकी पत्नी और पोता किसी भी प्रकार से पत्र व्यवहार, वार्तालाप या अन्य माध्यम से संपर्क न करे।
2. केरवा कोठी खाली करवाकर उन्हें सौंपी जाए।
3. अजय सिंह व उनके सभी आश्रितों को उनके निवास में प्रवेश से रोका जाए।
4. पुलिस स्टेशन रातीबड़ के थाना प्रभारी को उनकी सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश जारी हांे।
5. भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 5 लाख रुपए दिलवाए जाएं।
6. इलाज के लिए प्रतिमाह एक लाख रुपए दिलवाए जाएं।
7. वर्ष 2011 से उनके इलाज पर हुए खर्च के तीन करोड़ रुपए दिलवाए जाएं।
8. मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 करोड़ रुपए दिलवाए जाएं।
9. भरण-पोषण के एवज में एकमुश्त 10 करोड़ रुपए दिलवाए जाएं।

 

Posted By: Sanjeev Tiwari