रायपुर, जेएनएन। अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद अब संघ के पदाधिकारी और स्वयंसेवक छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल में घर-घर दस्तक देने जा रहे हैं। पदाधिकारी और स्वयंसेवक लोगों से राम मंदिर अभियान में जुटने की अपील करेंगे। साथ ही राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवा करने वालों का सम्मान भी करेंगे।

आरएसएस के प्रचार प्रमुख जगदीश पटेल ने बताया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में सहयोगी संगठन विश्व हिंदू परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण है। देशभर में राम मंदिर के लिए स्वयंसेवकों से सहयोग राशि ली जा रही है। हालांकि अब तक इसकी रूपरेखा तय नहीं हो पाई है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 15-16 अगस्त को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। इस दौरान सभी कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना संकट में स्वयंसेवकों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

हर स्तर पर किया गया सेवा कार्य

छत्तीसगढ़ में भी हर स्तर पर सेवा कार्य किया गया है, जिसका अच्छा परिणाम सामने आया है। अब कोरोना संकट को देखते हुए स्वयंसेवकों से वर्चुअल रैली के माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है। मोहन भागवत के कार्यक्रम को भी ऑनलाइन करने पर विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भागवत प्रमुख पदाधिकारियों से सीधा संवाद करेंगे।

उनके सार्वजनिक प्रबोधन के बारे में भी अब तक निर्णय नहीं हुआ है। कोरोना को देखते हुए शारीरिक दूरी के नियम को पालन करने का फैसला हुआ है। ऐसे में वरिष्ठ पदाधिकारियों से संवाद के बाद स्वयंसेवकों के लिए भागवत का संदेश जारी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

पदाधिकारियों के कामकाज में भी हो सकता है बदलाव

संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रांत के कई पदाधिकारियों के कामकाज में बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी कुछ पदाधिकारियों को प्रमोट किया जाएगा और उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। संघ स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारी कर रही है। इसमें राम मंदिर निर्माण को लेकर संगठन को सक्रिय किया जाएगा और कार्यक्रमों के माध्यम से गांव-गांव पहुंच बनाई जाएगी।

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