भोपाल, स्टेट ब्यूरो। दो दिवसीय भोपाल प्रवास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत नौ एवं 10 अगस्त को भोपाल में क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत संवाद करेंगे तथा कोरोना संकट में स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सेवा कार्यो की समीक्षा करेंगे। साथ ही भविष्य के सेवा कार्यो की योजना पर भी विस्तृत चर्चा होगी। 15 और 16 अगस्त को डॉ. भागवत छत्तीसगढ़ प्रांत के कामकाज की समीक्षा करेंगे।

मध्य भारत और मालवा प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक

संघ के सूत्रों के मुताबिक प्रति वर्ष सरसंघचालक अपने हर क्षेत्र में एक बार अनिवार्य रूप से प्रवास करते हैं। संघ की संरचना के मुताबिक देश को 11 क्षेत्रों में बांटा गया है। आमतौर पर इन क्षेत्रों में यह प्रवास जुलाई तक खत्म हो जाते थे, लेकिन कोरोना के कारण इस वर्ष अगस्त में प्रवास शुरू हो रहे हैं। वे रविवार को मध्य भारत और मालवा प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब साढ़े पांच महीने से थमी गतिविधियों को फिर से प्रारंभ करने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में सभी शीर्ष नेताओं के प्रवास कार्यक्रम इसी सप्ताह से प्रारंभ कर दिए गए हैं।

कोरोना और लॉकडाउन के कारण प्रतिनिधि सभा की बैठक नहीं हो पाई थीं

वरिष्ठ प्रचारक देशभर के अलग-अलग प्रांतों में जाकर मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करेंगे। इसके बाद आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा करने के बाद दैनंदिन या औपचारिक गतिविधियां को प्रारंभ करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि मार्च में बेंगलुरू में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक तो हुई थी लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के कारण प्रतिनिधि सभा की बैठक नहीं हो पाई थी। तभी से संघ ने अपने सारे नेताओं को प्रवास और प्रत्यक्ष संपर्क करने से मना कर दिया था।

संघ प्रमुख रविवार को भोपाल में मध्यभारत व मालवा प्रांत के कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे वार्ता

सूत्रों के मुताबिक संघ प्रमुख रविवार को भोपाल के ठेंगडी भवन में मध्यभारत व मालवा प्रांत के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा सत्रों में भाग लेंगे। मध्यभारत प्रांत के प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश सिसोदिया ने बताया कि इस अवधि में मध्यभारत प्रांत में संघ, सेवा भारती व समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक सेवा कार्य किए गए।

पांच हजार से ज्यादा कोरोना वारियर्स का सम्मान किया गया

मध्यभारत प्रांत में मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में 1173 स्वयंसेवकों ने लोगों का जीवन बचाने के लिये रक्तदान किया। डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सफाई कर्मी एवं मीडियाकर्मियों की इस निस्वार्थ सेवा का स्वयंसेवकों ने जगह-जगह सम्मान किया। मध्यभारत प्रांत द्वारा पांच हजार से ज्यादा कोरोना वारियर्स का सम्मान किया गया।

लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन एवं मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई थी

सिसोदिया ने बताया कि प्रवासी श्रमिक लॉकडाउन में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। स्वयंसेवकों ने 69 सेवा कैंप लगाए जिनके माध्यम से लगभग 22 हजार श्रमिकों तक सहायता पहुंचाई। प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन एवं मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई थी। श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए स्वयंसेवकों ने वाहन की भी व्यवस्था की।

Posted By: Bhupendra Singh

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