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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Salman Rushdie: विवादों से घिरे रहे हैं सलमान रुश्दी, ईरान के सर्वोच्च नेता ने किया था फतवा जारी

By Piyush KumarEdited By:
Published: Fri, 12 Aug 2022 09:57 PM (IST)

एक विवादास्पद उपन्यास द सैटनिक वर्सेज के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने उनके खिलाफ फतवा जारी कर ...और पढ़ें

भारतीय ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार सलमान रुश्दी की फाइल फोटो।
भारतीय ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार सलमान रुश्दी की फाइल फोटो।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर शुक्रवार को चाकू से हमला किया गया। वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में एक व्याख्यान देने वाले थे। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति ने सलमान रुश्दी पर चाकू से हमला किया गया। बता दें कि सलमान रुश्दी कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं । सलमान रुश्दी को 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' उपान्यास के लिए साल 1981 में बुकर पुरस्कार मिला था।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने जारी किया था फतवा

उन्हें साहित्य जगत में सेवा के लिए ब्रिटेन की महारानी एलीजाबेथ द्वारा 'कम्पेनियन ऑफ ऑनर' से नवाजा गया है। 1980 के दशक में ईरान से उन्‍हें जान से मारने की धमकी मिली थी। एक विवादास्पद उपन्यास 'द सैटनिक वर्सेज' के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया था। ईरानी नेता ने उपन्यास को ईशनिंदाकारक और इस्लाम पर हमला करने वाला बताया था।

सलमान रुश्दी का पूरा नाम अहमद सलमान रश्दी है। इनका जन्म ब्रिटिश राज के दौरान 19 जून 1947 को बंबई में हुआ था। वह अनीस अहमद रुश्दी के बेटे हैं। उन्होंने दक्षिण बॅाम्बे के किले में कैथेड्रल और जॅान कॅानन में शिक्षा प्राप्त की। कैम्ब्रिज में स्नातक होने के बाद, रुश्दी कुछ समय के लिए पाकिस्तान में अपने परिवार के साथ रहे। बता दें कि सलमान रुश्दी ने चार शादियां की। बता दें कि सलमान रुश्दी ने कई विवादित चीजें भी लिखी जिसके कारण उनके कई किताबों को भारत में बैन कर दिया गया है।

जानिए सलमान रुश्दी की कुछ उपलब्धियां

साल 1983 में रुश्दी को रॉयल सोसाइटी ऑफ लिटरेचर का फेलो चुना गया। जनवरी 1999 में उन्हें फ्रांस के कमांडर डी ल'ऑर्ड्रे डेस आर्ट्स एट डेस लेट्रेस नियुक्त किया गया था। बता दें कि साल 2000 से सलमान रुश्दी अमेरिका में रह रहे हैं। साल 2007 में सलमान को साहित्य के लिए उनकी सेवाओं के लिए उन्हें नाइट की उपाधि से सम्मानित किया गया। साल 2008 में द टाइम्स ने उन्हें 1945 के बाद से 50 महानतम ब्रिटिश लेखकों की सूची में 13वें स्थान पर रखा था। । उन्हें 2015 में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के आर्थर एल कार्टर पत्रकारिता संस्थान में निवास में विशिष्ट लेखक नामित किया गया था। इससे पहले सलमान एमोरी विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे। उन्हें अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स के लिए चुना गया था।