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सहारा समितियों में जमा अपना पैसा कैसे निकालें? जानिए रिफंड का पूरा प्रोसेस

Published: Mon, 28 Sep 2026 03:57 PM (IST)

केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल को फिर से सक्रिय कर दिया है, जिससे लाखों निवेशकों को अपनी फंसी हुई जमा राशि वापस पाने में मदद मिलेगी।

सहारा रिफंड पोर्टल से कैसे निकाले अपना पैसा? (जागरण ग्राफिक्स)

सहारा रिफंड पोर्टल से कैसे निकाले अपना पैसा? (जागरण ग्राफिक्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों में फंसी अपनी जमा राशि वापस पाने का इंतजार कर रहे लाखों निवेशकों के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरी खबर दी है। हाल ही में सहकारिता मंत्रालय ने सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा एक्टिव कर दिया है।

इससे लगभग 20 लाख लंबित दावों की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। साथ ही जो लोग अभी तक आवेदन नहीं कर पाए थे, वे भी घर बैठे ऑनलाइन क्लेम दाखिल कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर शुरू किए गए इस पोर्टल के जरिए अब तक करीब 42 लाख जमाकर्ताओं को कुल 9,267 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जा चुकी है।

इन चार समितियों से निकल रहा पैसा

  • सहकारी सोसायटियों सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी
  • सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी
  • हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी
  • स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी

से दर्ज करें पोर्टल पर क्लेम?

सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों में फंसा अपना पैसा निकालने के लिए आपको इन आसान स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

आधिकारिक वेबसाइट mocrefund.crcs.gov.in पर जाकर लॉगिन करे।

रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डाले और ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।

ऑनलाइन फॉर्म में सदस्यता संख्या, जमा खाता संख्या और संबंधित सोसायटी का नाम भरें।

एक से अधिक सोसायटियों में निवेश किया है तो सभी दावों को एक ही फॉर्म में शामिल कर सकते हैं।

जमा राशि के प्रमाण दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें। सबमिट होने पर रसीद संख्या मिल जाएगी।

कैसे करे सत्यापन?

क्लेम दर्ज होने के बाद सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज 30 दिनों के अंदर दावों और दस्तावेजों की जांच करेगी। उसके बाद सरकारी तंत्र 15 दिनों में अंतिम मंजूरी देगा।

कुल मिलाकर आवेदन की तारीख से 45 दिनों के भीतर दावे की स्थिति साफ हो जाएगी। मंजूरी मिलने पर पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?

आवेदन में गलती से बचने के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर और आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी पहले से स्कैन कर लें। मूल रसीद, पासबुक या निवेश प्रमाणपत्र (बॉन्ड) भी अपलोड करने पड़ेंगे।

दस्तावेजों में सदस्यता संख्या, खाता नंबर और नाम सटीक मिलना चाहिए। नाम या बैंक विवरण में कोई गलती होने पर रिफंड अटक सकता है, इसलिए अपलोड से पहले सभी कागजात अच्छी तरह जांच लें।

जमाकर्ता की मृत्य हो गई है तो कैसे होगा क्लेम?

अगर आप या आपके किसी परिवार सदस्य ने सहारा की सोसाइटियों में रकम जमा की थी, तो रिफंड से संबंधित यह बात आपके लिए बहुत जरूरी है।

अगर मूल जमाकर्ता की मृत्यु हो गई हो, तो परिवार वाले अक्सर यही सोचते हैं कि अब उस जमा राशि का दावा कैसे और कौन कर सकता है।

मूल जमाकर्ता के निधन के बाद कानूनी उत्तराधिकारी या नॉमिनी को मृत्यु प्रमाण पत्र और संबंधित कानूनी दस्तावेज जमा करने होंगे। इस तरह क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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