जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वच्छ भारत मिशन के तीसरे साल में सरकार ग्रामीण स्वच्छता का सर्वेक्षण करायेगी। राष्ट्रीय स्तर पर सभी जिलों में पारदर्शिता के साथ सर्वेक्षण कराया जाएगा। जिलों के बीच परस्पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के उद्देश्य से यह त्रैमासिक स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जायेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास और स्वच्छता मंत्री नरेंद्र तोमर ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लांच करते हुए कहा कि साफ-सफाई के साथ कूड़ा प्रबंधन को आधार बनाया जायेगा।

स्वच्छता प्रतिस्पर्धा में विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर कुल सौ अंक दिये जाने हैं। तोमर ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति और जागरुकता पैदा होगी। पिछले तीन सालों के स्वच्छता के प्रदर्शन में पूर्वी राज्यों की हालत सबसे अधिक खराब है। क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया (क्यूसीआई) के हालिया सर्वे में 4626 गांवों के लगभग डेढ़ लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया। मई-जून 2017 में कराये गये सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 62.45 फीसद घरों में शौचालय मिले। उत्साहजनक बात यह देखने को मिली कि 91.29 फीसद लोगों ने अपने यहां बनाये गये शौचालयों का उपयोग किया।

मंगलवार को यहां लांच किये गये सर्वेक्षण का नतीजा दो अक्तूबर 2017 को घोषित किया जायेगा। जिलों के बीच होने वाली इस स्वच्छता प्रतिस्पर्धा में रैंकिंग की जायेगी, जिसके आधार पर जिला प्रशासन को सम्मानित भी किया जाएगा। कुल एक सौ अंकों वाली इस प्रतिस्पर्धा मेंे 50 अंक प्रदर्शन पर, 25 अंक स्थिरता और बाकी 25 अंक पारदर्शिता पर दिया जाएगा। भारत छोड़ो दिवस से स्वतंत्रता दिवस के बीच खुले में शौच से आजादी सप्ताह मनाया जाएगा।

तोमर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की लांचिंग से अब तक कुल 2.20 लाख गांव, 160 जिले और पांच राज्यों ने खुद को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर लिया है। लांचिंग के बाद से ओडीएफ की कवरेज 39 फीसद से बढ़कर 66 फीसद तक पहुंच गई है।

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Posted By: Gunateet Ojha

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