नई दिल्ली। केंद्र में भाजपा नीत एनडीए सरकार के गठन के करीब 10 महीने बाद सोमवार को पहली बार भाजपा-आरएसएस समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, राम माधव और संघ से भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी और दत्तात्रेय होसबोले ने हिस्सा लिया। यह बैठक भाजपा नेता नितिन गडकरी के घर पर हुई।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि बैठक में किसी भी राजीनतिक मसले पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने भूमि अधिग्रहण बिल में और संशोधनों से इन्कार नहीं किया। माधव ने कहा कि संघ के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को बिल की अच्छाइयों के बारे में बताएंगे।

उन्हाेंने कहा कि बैठक में योग दिवस के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मालूम हो कि पीएम मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है।

दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि संघ ने भाजपा नेताओं से कहा कि 10 महीने में सरकार की छवि खराब हुई है। सरकार को छवि सुधारने की जरूरत है। सरकार अपने कामों को जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंचा रही है। संगठन और सरकार में संवाद बढ़ाने की जरूरत है। दिल्ली चुनाव जैसी गलतियां से बचे पार्टी को बचना चाहिए।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के एजेंडे पर भी चर्चा हुर्इ। साथ ही भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों तक अपनी बात पहुंचाने पर जोर दिया गया और सरकार को किसान विरोधी छवि बनाने से बचने की सलाह दी गई। संघ के नेताओं ने हाल में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद के बयानों पर भी आपत्ित जताई।

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Posted By: Sudhir Jha

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