नई दिल्‍ली, पीटीआइ। केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से नाराज इस्लामी संगठन 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' यानी पीएफआइ ने शुक्रवार को केरल में हड़ताल की। इस दौरान राज्य में कई जगहों पर सार्वजनिक परिवहन की बसों पर पथराव और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और वाहनों में तोड़-फोड़ की। एनआइए एवं अन्य एजेंसियों की कार्रवाई के बीच आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का बयान सामने आया है। उन्‍होंने पीएफआइ पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को उचित करार दिया है।

PFI पर एजेंसियों की कार्रवाई सही

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि PFI पर एजेंसियों की कार्रवाई सही है। केरल में बुलाई गई हड़ताल के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर आरएसएस नेता कहा कि अतीत में संघ को भी प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन उसने कभी भी हिंसा का रास्‍ता नहीं अपनाया। ऐसे में किसी भी संगठन की ओर से हिंसा का रास्‍ता अपनाना ठीक नहीं है।

संघ ने कभी भी हिंसक आंदोलन नहीं किया

इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने 1948, 1975 और 1992 में संघ (RSS) पर भी प्रतिबंध लगाया था लेकिन इसके विरोध में संघ ने कभी भी हिंसक आंदोलन नहीं किया। संघ ने कभी भी सरकार की कार्रवाई का विरोध करने के लिए हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। संघ ने शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी रूप से कार्रवाईयों को अदालतों में चुनौती दी और जीत हासिल की। आखिरकार सरकारें गलत साबित हुईं।

हिंसा का रास्ता अपनाते हैं PFI कार्यकर्ता

इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने कहा कि यदि वे (पीएफआइ कार्यकर्ता) हिंसा का रास्ता अपनाते हैं, तो इससे साबित होता है कि वे विनम्रता, शांति और संविधान के साथ-साथ भारत की एकता और अखंडता में यकीन नहीं रखते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsvak Sangh) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने 104वें हाइफा विजय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे। मौजूदा कार्रवाई पीएफआई के 'ट्रैक रिकॉर्ड' के आधार पर कार्रवाई की जा रही है जिसे सरकार ने समय समय पर जुटाया है।  

Edited By: Krishna Bihari Singh