जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । नोटबंदी के बाद कालेधन पर कड़ा प्रहार करते हुए आयकर विभाग ने भारी भरकम 2600 करोड़ रुपये अघोषित राशि पकड़ी है। इतना ही नहीं विभाग ने आठ नवंबर के बाद कालेधन को सफेद करने की कोशिश कर रहे लोगों के यहां छापेमारी कर 393 करोड़ रुपये की नकदी और ज्वैलरी जब्त की है जिसमें 80 करोड़ रुपये नए नोट के रूप में हैं।

इसके साथ ही सीबीआइ ने भी कालेधन को सफेद करने वालों के खिलाफ 12 मामले तथा प्रवर्तन निदेशालय ने 17 मामले दर्ज किए हैं। ये सिलसिला लगातार जारी है, शुक्रवार रात को ही मुंबई पुलिस ने 1 करोड़ 40 लाख की नई नकदी के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि आठ नवंबर के बाद से अब तक आयकर विभाग ने 291 मामलों में छापेमारी की है जबकि 295 मामलों में सर्वे कार्रवाई की है। इसके अलावा 3000 मामलों में नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू की गयी है।

नोटबंदी : संसद में विरोध के बाद अब राष्ट्रपति भवन पहुंचा विपक्ष

चंद्रा ने कहा कि आयकर विभाग ने इस अवधि में 393 करोड़ रुपये की नकदी और ज्वैलरी जब्त की है। इसमें 316 करोड़ रुपये की नकदी है जबकि 77 करोड़ रुपये की ज्वैलरी है। जब्त की गयी नकदी में 80 करोड़ रुपये नए नोट हैं। आयकर विभाग की इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप करदाताओं ने 2600 करोड़ रुपये अघोषित आय को स्वीकार किया है।

उन्होंने कहा कि आठ नवंबर को 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद आयकर विभाग लगातार ही कालेधन को पकड़ने के लिए सर्वे और छापेमारी की कार्रवाई कर रहा है। कालेधन को पकड़ने में विभाग की यह सफलता आंकड़ों के विश्लेषण से संभव हुई है।

आयकर विभाग के पास बैंकों से नियमित तौर पर रीयल टाइम सूचनाएं जा रही हैं जिसके आधार पर विभाग अपनी सर्वे और छापेमारी की प्रक्रिया कर रहा है। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर विभाग उच्च प्राथमिकता वाले व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई कर रहा है।

हंगामे की भेंट चढ़ा शीतकालीन सत्र : दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Posted By: Sachin Bajpai

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस