नई दिल्ली। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में रेल यातायात में पड़े व्यवधान पर मंगलवार को रेलमंत्री मुकुल रॉय ने गृहमंत्री पी. चिदंबरम और असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से फोन पर बात कर रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। असम में 37 ट्रेनों में करीब 30 हजार यात्री असुरक्षित और अभावों के हालात में बीच रास्ते में फंसे हैं।

रेलमंत्री ने कहा कि असम की हिंसक घटनाओं का असर रेल यातायात पर पड़ा है। तमाम ट्रेनें रास्ते में खड़ी हैं जबकि दर्जनों बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रही हैं। असुरक्षित हालात में रेलवे को 26 ट्रेनें रद करनी पड़ी हैं। रेल यातायात में सबसे ज्यादा बाधा श्रीरामपुर और सलाकाटी रेलवे स्टेशनों के बीच के 54 किलोमीटर के रूट पर आई है जहा ट्रेनें लंबे समय से खड़ी हैं। रेलवे इन यात्रियों के खानपान का इंतजाम कर रहा है। 37 ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी हुई हैं।

रास्ते में फंसी ट्रेनें

रास्ते में फंसी व विलंबित ट्रेनों में डिब्रूगढ़ कामरूप एक्सप्रेस, गुवाहाटी गरीब रथ, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-गुवाहाटी एक्सप्रेस, गया एक्सप्रेस, गुवाहाटी-बेंगलूर एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-दिल्ली ब्रह्मापुत्र मेल, गुवाहाटी-हावड़ा सरायघाट एक्सप्रेस तथा गुवाहाटी-जम्मू तवी एक्सप्रेस शामिल हैं।

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