हैदराबाद: कमरे में बंद रोहिंग्या की महिला से रेप का आरोप, किराया नहीं मिला तो मकान मालिक ने तोड़ा ताला
हैदराबाद में एक 18 वर्षीय रोहिंग्या शरणार्थी महिला को पांच महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। मकान मालिक द्वारा ...और पढ़ें

पीड़ित महिला की प्रतिकात्मक तस्वीर।
HighLights
18 वर्षीय रोहिंग्या महिला से पांच माह दुष्कर्म।
किराया न मिलने पर मकान मालिक ने खोला मामला।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी फरार।
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। 18 साल की रोहिंग्या शरणार्थी के साथ हैदराबाद में जो हुआ वो उसे ताउम्र की टीस दे गया। बांग्लादेश से कथित तौर पर हैदराबाद लाई गई लड़की के साथ पांच महीने से दुष्कर्म का घिनौना खेल चल रहा रहा था।
किराये के कमरे में उसे कैद रख कर चार पुरुषों ने बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसमें से एक व्यक्ति ने उससे शादी कर ली जबकि वो पहले से शादीशुदा था। मामला तब सामने आया जब मकान मालिक ने घर का किराया नहीं मिलने पर घर का दरवाजा तोड़ा। उस दौरान वो महिला अंदर बंद मिली।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में मुख्य आरोपित अब भी फरार है। इन चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) (बलात्कार), 127(4) (गलत तरीके से कैद रखना) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अवैध रूप से हैदराबाद लाया
पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय मुख्य आरोपी हैदराबाद के एक कैंप में रहता है वो और वो खुद एक रोहिंग्या शरणार्थी है। इस पर आरोप है कि वो कथित तौर पर मई में उस महिला को बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से अवैध रूप से हैदराबाद लाया था। उसने कथित तौर पर महिला से शादी भी कर ली। इसके बाद उसे कंचनबाग पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक किराए के मकान में बंद कर दिया।
दोस्तों पर भी लगा दुष्कर्म का आरोप
कंचनबाग के इंस्पेक्टर जे. बालराजू ने बताया कि मुख्य आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने महिला से अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में झूठ बोला। हैदराबाद आने के बाद, उसने उस युवती से शादी कर ली और उसे कैद करके रखा। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने बार-बार महिला का यौन शोषण किया और पांच महीने की अवधि के दौरान अपने तीन दोस्तों को भी कई बार उसका बलात्कार करने दिया। उसके दोस्त भी रोहिंग्या शरणार्थी हैं।
किराया बकाया रहने से खुला मामला
यह मामला तब सामने आया जब जब मकान मालिक बकाया किराया लेने के लिए घर पहुंचा। बाहर से दरवाजा बंद होने और कोई जवाब न मिलने पर, उसने रात करीब 10 बजे ताला तोड़ दिया। इस दौरान वो महिला को अंदर अकेला देखा। गड़बड़ी के शक पर मकान मालिक ने महिला की मदद। उसे शहर के एक शरणार्थी शिविर में भेज दिया।
पीड़िता का बयान हुआ दर्ज
पुलिस अधिकारियों ने अनुवादकों की मदद से 'भरोसा सेंटर' में पीड़िता का बयान दर्ज किया और बाद में उसे मेडिकल जांच के लिए भेज दिया। मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस ने बताया कि वो एक होटल में काम करता है और दो साल से अधिक समय से शहर के एक शरणार्थी शिविर में रह रहा था। पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई है जो उसे गिरफ्तार करने में लगी है।
