विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indian Railways: 2025 तक ट्रेन के सभी इंजनों को इलेक्ट्रिक से बदला जाएगा, इसके लिए होंगे ये बदलाव

By AgencyEdited By: Arun kumar Singh
Published: Tue, 11 Oct 2022 07:50 PM (IST)

Indian Railways रेलवे ने एक नीति बनाई है जिसके तहत उसकी योजना डीजल जैव ईंधन या यहां तक ​​कि प्राकृतिक ...और पढ़ें

दिसंबर 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा।
दिसंबर 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा।

 नई दिल्ली, एजेंसी। रेलवे देश में प्रदूषण कम करने और ट्रेनों की गति बदलने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत एक नई नीति बनाई है। इसके तहत डीजल, जैव ईंधन या यहां तक ​​कि प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों के अपने पूरे बेड़े को दिसंबर 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा। यह 2030 तक देश को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन राष्ट्र बनाने की योजना के तहत किया गया अहम कदम है। इस नीति के तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों, कार्यालय भवनों और पार्किंग स्थल पर एक विशाल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा।

देश में 46 हजार चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जरूरत

भारत को वैश्विक बेंचमार्क से मेल खाने के लिए 2030 तक देश में 46,000 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी ) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की जरूरत है। रेलवे द्वारा जोनों के लिए प्रस्तावित समय सीमा के अनुसार, ईवी-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और इसके बेड़े के 20 प्रतिशत को दिसंबर 2023 तक, 2024 तक 60 प्रतिशत और 2025 तक 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य बनाया गया है।

निरीक्षण वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन आवश्‍यक नहीं

संभागीय कार्यालयों और संलग्न इकाइयों में निरीक्षण वाहनों का बदलाव इन तीन साल के प्रारंभिक चरण में अनिवार्य नहीं होगा क्योंकि अफसरों द्वारा दूर-दराज के क्षेत्रों में लगातार दौरे के लिए वाहनों की आवश्यकता होगी, जहां पर्याप्त चार्जिंग बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं हो सकता है।

आम लोगों के लिए तैयार होगा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर

रेलवे अपने परिसर में यात्रियों, आगंतुकों और आम जनता सहित उपयोगकर्ताओं के लिए एक किफायती और सुलभ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करेगा। जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को अपने अधिकारियों को ईवी-चार्जिंग सुविधाओं की स्थापना के लिए कार्यालय परिसरों और स्टेशन परिसरों में पार्किंग स्थलों की पहचान करने और उनका सीमांकन करने की सलाह देने के लिए कहा गया है। इन स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी ) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट आपरेटरों (सीपीओ) को आमंत्रित किया जाएगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने के लिए रेलवे द्वारा तय किए गए अनुसार पार्किंग शुल्क लागू होगा।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लागू होगा पार्किंग शुल्‍क

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने के लिए रेलवे द्वारा तय किए गए पार्किंग शुल्क लागू होगा। सीपीओ सभी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी ) मालिकों तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी ) के उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जर का पता लगाने, बुक करने और डिजिटल रूप से सेवाओं के लिए भुगतान करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन का लागू किया जाएगा। चार्जर्स को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण या अन्य सक्षम एजेंसियों और विभागों द्वारा जारी सिक्‍योरिटी गाइडलाइन के अनुसार स्थापित किया जाएगा।