RLD-BJP मिलकर उछालेंगे जाट स्वाभिमान का सिक्का, जयंत ने अखिलेश की 'चवन्नी' को पिछड़ों के स्वाभिमान से जोड़ा
अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद रालोद ने पश्चिमी यूपी में जाट और पिछड़ों के स्वाभिमान को भाजपा के साथ मिलकर भुनाने की रणनीति बनाई है।

RLD-BJP मिलकर उछालेंगे जाट स्वाभिमान का सिक्का।
HighLights
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर रालोद ने उठाया जाट स्वाभिमान का मुद्दा।
पश्चिमी यूपी की 136 जाट बहुल सीटों पर रालोद-भाजपा की रणनीति।
23 दिसंबर को पीएम मोदी चौधरी चरण सिंह के पैतृक गांव नूरपुर आएंगे।
जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अगस्त में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल मुखिया जयंत चौधरी पर तंज कसा- ''जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़ के चले गए।'' यह बयान सुर्खियां बन गया। इस टिप्पणी को जाट, किसान और पिछड़ों के स्वाभिमान से जोड़ दिया गया।
गर्म हवाओं की आशंका से सपा को सतर्क होते देख रालोद ने भी भाजपा के साथ स्वाभिमान का सिक्का उछालते हुए खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 136 जाट बहुल सीटों के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दी है।
इसकी गूंज 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सुनाई दे सकती है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौधरी के पैतृक गांव हापुड़ स्थित नूरपुर आने का न्योता दिया गया है।
रालोद के सहयोग से आसान होगी जाट लैंड में बीजेपी की राह
किसान आंदोलन और जाटों की नाराजगी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनौतियां का सामना कर चुकी भाजपा को आस है कि किसानों और जाटों की राजनीति करने वाले रालोद के सहयोग से उसकी राह कुछ आसान होगी। इसी बीच अखिलेश यादव की टिप्पणी ने राजग को मौका दे दिया कि इस वर्ग के साथ भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाया जाए।
अखिलेश की टिप्पणी से लोग आहत- केसी त्यागी
रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष केसी त्यागी अपने दल के इतिहास पर चर्चा करते हुए कहते हैं कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु चौधरी चरण सिंह ही थे। मुलायम सिंह ने भी हमेशा उनका आदर किया, लेकिन अखिलेश की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण थी। चौधरी चरण सिंह को आदर्श मानने वाले जाट, किसान और पिछड़ा वर्ग के लोग इस टिप्पणी से आहत हुए हैं।
पिछड़ी जातियां NDA को मजबूत करेंगी- केसी त्यागी
केसी त्यागी के मुताबिक, राजनीतिक दृष्टि से भी देखें तो सपा के पीडीए में जो पिछड़ी जातियां हैं, वह मुख्यत: पूर्वी और मध्य यूपी में ही हैं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वह न के बराबर हैं। यहां 136 सीटें जाट बहुल हैं। उनके अनुसार यहां गुर्जर, सैनी, पाल, कुम्हार, कश्यप, लोधी आदि हैं जो रालोद के अलावा भाजपा से जुड़ी हैं। इसलिए रालोद और भाजपा का गठबंधन विधानसभा चुनाव में राजग को मजबूत करेगा।
किसान भी साथ आए हैं, क्योंकि किसान नेता राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता, गुर्जर नेता जयंत से मुलाकात कर चुके हैं।
23 दिसंबर को नूरपुर आ सकते हैं पीएम मोदी
रालोद नेता ने बताया कि जयंत पश्चिमी उप्र में कई रैलियां जाटों-गुर्जरों के बीच कर चुके हैं। अब 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके पैतृक गांव नूरपुर में एक कार्यक्रम के लिए पीएम ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
उसी दिन हापुड़ के सिंभावली में एक जनसभा भी प्रस्तावित है, जिसमें पीएम मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जयंत चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन रह सकते हैं।
