यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RIP Rakesh Jhunjhunwala: राकेश झुनझुनवाला के अंतिम संस्कार में हो रही है देरी, यह है वजह
वह सात अगस्त को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर अपनी एयरलाइन अकासा एयर की लांचिंग पर दिखाई दिए थे। झुनझुनवाला ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत के बिग बुल कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला का 62 साल की उम्र में रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। कुछ सप्ताह पहले ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। राकेश झुनझुनवाला के परिवार के कुछ सदस्य और दोस्त, जो शहर के बाहर रहते हैं। उनका इंतजार किया जा रहा है, जिसके चलते अंतिम संस्कार में समय लग रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिग बुल का अंतिम संस्कार रविवार रात होने की उम्मीद है।
वह सात अगस्त को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर अपनी एयरलाइन 'अकासा एयर' की लांचिंग पर दिखाई दिए थे। झुनझुनवाला के परिवार में पत्नी रेखा, बेटी निष्ठा और दो बेटे आर्यमन और आर्यवीर हैं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश की तमाम नामचीन हस्तियों ने गहरा शोक जताया है।
भारत के वारेन बफे के तौर पर मशहूर राकेश झुनझुनवाला का जन्म पांच जुलाई, 1960 को तेलंगाना के हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट से सीए की डिग्री ली, लेकिन उन्हें दलाल स्ट्रीट से प्यार हो गया। उन्हें यकीन था कि अगर कहीं से ज्यादा पैसा बनाया जा सकता है तो वह सिर्फ यही जगह है। शेयर बाजार में झुनझुनवाला की दिलचस्पी पिता राधेश्यामजी झुनझुनवाला की वजह से हुई। वह इनकम टैक्स कमिश्नर थे। राकेश के पिता अक्सर अपने दोस्तों के साथ शेयर बाजार की बातें किया करते थे। राकेश को इसमें बड़ा मजा आता था।
झुनझुनवाला ने 1985 में 5,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी। सितंबर, 2018 तक यह निवेश बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गया था। आज उनकी नेटवर्थ करीब 46 हजार करोड़ रुपये थी। उनका जादुई हाथ जिस शेयर पर पड़ जाता था वो रातोंरात बुलंदियों पर पहुंच जाता था। यही कारण है कि उनकी हर चाल पर निवेशकों की नजर रहती थी। खास बात यह है कि राकेश झुनझुनवाला ने जब शेयर बाजार में प्रवेश किया था तब सेंसेक्स 150 के स्तर पर था, आज वह 59,000 पर है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 'राकेश झुनझुनवाला अजेय व्यक्ति थे। वह जीवन से परिपूर्ण, हंसमुख और व्यावहारिक थे। ऐसे में वह अपने पीछे वित्तीय जगत के लिए एक अमिट योगदान छोड़ गए हैं। वह भारत के विकास और प्रगति के लिए काफी जुझारू थे। उनका निधन दुखी करने वाला है। उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।'
