मुंबई (प्रेट्र)। शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और मुंबई के बायकुला जेल में 200 अन्य महिला कैदियों के खिलाफ दंगा करने के मामले को मुंबई अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। पुलिस के संयुक्त आयुक्त संजय सक्सेना ने कल बताया कि मामले को नागपाड़ा पुलिस स्टेशन से मुंबई अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में जेल में एक कैदी की मौत के बाद इंद्रानी मुखर्जी के उपर अन्य कैदियों को दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया था। पूर्व मीडिया अधिकारी 44 वर्षीय मुखर्जी पर एक कैदी मानेजा गोविंद शेट्टी की मौत के विरोध में विरोध प्रदर्शन करने का आरोप था।

कथित तौर पर शेट्टी (45) को जेल अधिकारियों द्वारा मारे जाने के बाद 23 जून की रात उसे सरकारी जे जे अस्पताल में ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। अगले दिन, विरोध स्वरुप महिला कैदियों ने जेल में अख़बारों और दस्तावेजों की प्रतियां जला कर अपने गुस्से को व्यक्त किया। इनका आरोप था कि शेट्टी की मौत जेलाधिकारियों द्वारा बेरहमी से पीटे जाने के कारण हुई। 

अगस्त 2015 में इंद्राणी, और अन्य कैदियों को दंगा, गैरकानूनी प्रदर्शन, सरकारी नौकर पर हमला के लिए मुकदमा चलाया गया। जेल में 251 कैदी हैं। इंद्राणी के उपर उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और पूर्व चालक श्यामवार राय की हत्या के अलावा 24 अप्रैल 2012 को अपनी बेटी 24 साल की शीना की हत्या का भी आरोप है।

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Posted By: Srishti Verma