सिक्किम: मलबे में दब रहा है रिम्बी गांव, लगातार भूस्खलन और बारिश से बढ़ा खतरा
सिक्किम के गेजिंग जिले का रिम्बी गांव डेढ़ महीने से जारी भूस्खलन और बारिश के कारण गंभीर खतरे में है, ...और पढ़ें

सिक्किम में मलबे में दब रहा है रिम्बी गांव

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डिजिटल डेस्क, गंगटोक। सिक्किम राज्य के गेजिंग जिले के रिम्बी गांव में पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी भूस्खलन के कारण अब स्थिति गंभीर होती जा रही है। लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी से खिसककर आ रहा मलबा धीरे-धीरे पूरे गांव को अपनी चपेट में ले रहा है।
गांव के कई हिस्से मलबे से ढक चुके हैं। खतरे को देखते हुए पूरे गांव को खाली करा दिया गया है और करीब 40 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
रिम्बी गांव में लगातार भूस्खलन के कारण लोगों के घर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण अपने घरों से केवल जरूरी दस्तावेज और आवश्यक कपड़े ही निकाल पा रहे हैं। घर का अन्य सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को अपना सामान पीछे छोड़ना पड़ा है।
भूस्खलन के कारण रिम्बी को युक्सोम से जोड़ने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे क्षेत्र का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा रिम्बी नदी में पहुंचने से नदी का प्राकृतिक बहाव भी बदल गया है। नदी का कुछ हिस्सा मलबे से पट गया है, जिससे पानी एक जगह जमा हो रहा है। इससे नदी के दूसरे किनारे वाले हिस्से में भी खतरा बढ़ गया है।

इलायची की खेती को भारी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, रिम्बी क्षेत्र में पहले बड़े पैमाने पर बड़ी इलायची की खेती की जाती थी। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण अब बड़ी इलायची के खेत भी पूरी तरह प्रभावित और उजड़ गए हैं। ग्रामीणों के सामने घर के साथ-साथ अपनी आजीविका बचाने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में छोटे-छोटे जलस्रोत होने के कारण जमीन के लगातार धंसने की समस्या बनी हुई है। यही कारण है कि रिम्बी क्षेत्र को संवेदनशील माना जा रहा है। लगातार बारिश ने इस समस्या को और गंभीर कर दिया है।
रिम्बी गांव की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित लोगों को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता देने का आश्वासन दिया है।
लगातार बढ़ते भूस्खलन और नदी के बदलते बहाव को देखते हुए ग्रामीणों में भी चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षित स्थान पर रहना और परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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