दंतेवाड़ा, जेएनएन। सोमवार को दंतेवाड़ा में एसपी डा. अभिषेक पल्लव और एएसपी उदय किरण की मौजूदगी में उत्तर बस्तर डिवीजनल कमेटी से जुड़े मिलिट्री कंपनी नंबर दो के सदस्य कोसा मरकाम (22) ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह कई बड़ी वारदातों में शामिल रह चुका है।

मूल रूप से दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण विकासखंड के ग्राम टेटम निवासी कोसा ने बताया कि वह एलएमजी (लाइट मशीन गन) लेकर चलता था। वर्ष 2018 में नारायणपुर जिले के इरपानार में चार जवानों की शहादत वाली वारदात में शामिल रहा।

वर्ष 2019 में कांकेर जिले के परतापुर में हुई मुठभेड़ में बीएसएफ के चार जवान शहीद हुए थे। इस वारदात में भी उसकी भूमिका थी। कोसा ने बताया कि वह नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आ चुका था। पुलिस के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान से प्रभावित होकर उसने आत्मसमर्पण का फैसला किया।

पिछले हफ्ते नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्यों में लगी गाड़ियों में लगा दी थी आग

वहीं, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों में कोई कमी नहीं आ रही है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में नक्सलियों ने पिछले हफ्ते सड़क निर्माण कार्य में लगी पांच गाड़ियों में आग लगा दी थी। जिले के मोहला पुलिस स्टेश की सीमा के अंतर्गत पारडी और परविडीह गांव के बीच सड़क निर्माण किया जा रहा था। इस घटना की अधिक जानकारी देते हुए राजनांदगांव के एसपी डी श्रवण ने बताया कि नक्सलियों द्वारा जलाई गई गाड़ियों में एक चेन माउंटेन वाहन, दो मिक्सर मशीन और दो ग्रेडर यानी कुल पांच गाड़ियों आग लगा दी थी।

वहीं, इसके पहले भी नक्सलियों ने ऐसी एक और घटना को अंजाम दिया था। अप्रैल महीने में राजनांदगांव जिले के मानपुर ब्लॉक में महाराष्ट्र की सीमा पर नक्सलियों ने तांडव मचाया था। नक्सलियों ने लॉकडाउन का विरोध करते हुए सड़क निर्माण और पुलिया निर्माण में लगे 6 वाहनों में आग लगा दी थी।

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