नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ में निर्माण कार्यो पर रोक लगाने संबंधी अपने आदेश को निष्प्रभावी कर दिया। ठोस कचरा प्रबंधन नियम के तहत नीति तैयार नहीं करने के कारण शीर्ष अदालत ने दोनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में निर्माण कार्यो पर रोक लगा दी थी।

जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ के वकील के पेश होने के बाद यह आदेश पारित किया। वकील ने पीठ से कहा कि नियम के अनुसार नीति तैयार कर ली गई है। मध्य प्रदेश के वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा लगाए गए तीन लाख रुपये का कास्ट जमा करा दिया गया है। आंध्र प्रदेश के वकील ने राज्य पर लगाए गए पांच लाख रुपये के कास्ट को माफ करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि नीति तैयार कर ली गई है और उसकी प्रति एडिशनल सालिसिटर जनरल के कार्यालय को सौंप दी गई है। सालिसिटर जनरल केंद्र की ओर से पेश हुए थे। पीठ ने याद दिलाया कि 31 अगस्त को जब मामले की सुनवाई हो रही थी तब आंध्र प्रदेश की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ था।

कास्ट माफ करने से इन्कार करते हुए पीठ ने कहा, 'आप नहीं कह सकते कि मैं अदालत में हाजिर हुआ था।' सुनवाई के दौरान पीठ ने महाराष्ट्र से मुंबई में चल रहे निर्माण कार्यो के बारे में पूछा। इस प्रक्रिया में शामिल बिल्डरों के बारे में भी जानना चाहा।

 

Posted By: Arun Kumar Singh