'समझौता कर लिया', राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला तो रविशंकर प्रसाद बोले- मैं याद दिलाना चाहता हूं...
लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर 'समझौता' करने ...और पढ़ें

संसद में राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद।

समय कम है?
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब तर्क-संग्राम हुआ तो सत्ता पक्ष ने भी ऐतिहासिक संदर्भों से पैने-तीखे तीर निकाल लिए। रविशंकर प्रसाद और अनुराग ठाकुर जैसे वरिष्ठ सांसदों ने तमाम पुराने घटनाओं का उल्लेख करते हुए न सिर्फ विपक्ष की भूमिका और नेता प्रतिपक्ष के नैतिक-संवैधानिक दायित्वों पर दलील दी, बल्कि यह भी बताया कि किस तरह पूर्व में लोकसभा अध्यक्ष सदन का संचालन करते रहे हैं, जिस पर विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने कभी पीठ पर प्रश्न खड़े नहीं किए।
बिना किसी का नाम लिए रविशंकर प्रसाद ने तो यहां तक कहा कि स्पीकर पद और अविश्वास प्रस्ताव के उपकरण को किसी के अहंकार की संतुष्टि का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। स्वाभाविक है कि उनका इशारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर ही था। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर 78 वर्ष में सिर्फ दो बार चर्चा हुई है।
अपनी बात रखने का अवसर दिया
अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने को पीड़ादायी बताते हुए आपातकाल के दौरान की घटनाओं का भी उल्लेख किया। याद दिलाया कि 1977 तक तो अधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष का पद भी नहीं बनाया गया था। पहले नेता प्रतिपक्ष जनता पार्टी की सरकार में 1977 में बनाए गए। रविशंकर प्रसाद ने जैसे ही नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक दायित्वों पर पूर्व के संदर्भों का उल्लेख किया, वैसे ही राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद खड़े होकर हंगामा करने लगे। पीठ ने जब नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर दिया तो उन्होंने कहा कि हम जब भी बोलने को होते हैं तो हमें रोका-टोका जाता है।
किरेन रिजीजू ने चुटकी ली
यह चर्चा लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका पर है, लेकिन कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया। राहुल ने कहा कि आखिरी बार बोलते हुए मैंने प्रधानमंत्री की ओर से कम्प्रोमाइज का मुद्दा उठाया था। सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है। पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने चुटकी ली कि जब अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष लाया है तो नेता प्रतिपक्ष का नाम बार-बार आएगा। क्या वह दिन भर यूं ही खड़े होते रहेंगे?
आडवाणी को स्पीकर चटर्जी ने नहीं बोलने दिया
नेता प्रतिपक्ष को न बोलने देने के राहुल के आरोप रविशंकर प्रसाद ने याद दिलाया कि सांसद के रूप में ममता बनर्जी जब बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाना चाहती थीं तो उन्हें तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने बोलने का मौका नहीं दिया। इसी तरह वोट के बदले नोट के मामले में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी को स्पीकर चटर्जी ने नहीं बोलने दिया। तब विपक्ष ने सिर्फ वाकआउट किया था, स्पीकार पर न आरोप लगाए और न ही अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन को अराजकता फैलाना चाहते हैं। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खास तौर पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। कहा कि सदन जार्ज सोरोस की टूल किट से नहीं रूल बुक से चलेगा। कटाक्ष किया कि जो पार्टी 60 वर्ष तक सत्ता में रही, उसे नोटिस देना भी नहीं आता।
राहुल गांधी माफी मांग चुके
अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में तमाम खामियां थीं, जिन्हें खुद स्पीकर ओम बिरला ने कह कर ठीक कराया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग सदन में बिना कामन सेंस, सिविक सेंस और बिना कांस्टीट्यूशनल सेंस के आते हैं। उन्हें सिर्फ उत्पात मचाना होता है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह कई बार आरोप लगाकर राहुल गांधी माफी मांग चुके हैं, वैसे ही अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी। अनुराग ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी चीन के हाथों में खेल रहे हैं।
वीडियो जारी किया शर्मसार हो जाएगी कांग्रेस: रिजीजू
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई सांसद लोकसभा स्पीकर के कार्यालय में घुसे और उनसे अभद्रता की थी। जब इस आरोप को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने खारिज करना चाहा तो रिजीजू ने दावा किया कि अभी तक भाजपा ने वीडियो क्लिप जारी नहीं किया है। वेणुगोपाल झूठ बोलेंगे तो वीडियो फुटेज जारी कर दिया जाएगा, जिससे कांग्रेस शर्मसार हो जाएगी।
