नई दिल्‍ली, ऑनलाइन डेस्‍क। लद्दाख में एलएसी पर चीनी सेना के साथ बढ़ती तनातनी के बीच देश में चीन के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीनी एप को हटाने के लिए विकसित किए गए 'रिमूव चाइना एप' को व्‍यापक समर्थन मिला और रिकॉर्ड 50 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया... लेकिन अब हम जो जानकारी देने जा रहे हैं वह बेहद दिलचस्‍प है। गूगल प्‍ले स्‍टोर ने अब इस एप को हटा दिया है यानी अब यह गूगल प्‍ले स्‍टोर पर उपलब्‍ध नहीं है। हमने जब इस एप को डाउन लोड करने के लिए प्‍ले स्‍टोर पर गए तो यह वहां से हटा दिया गया था।

हालांकि गूगल प्‍ले स्‍टोर की ओर से अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि इस एप को क्‍यों हटाया गया है या यह भविष्‍य में गूगल प्‍ले स्‍टोर पर उपलब्‍ध होगा या नहीं...। वहीं एप को विकसित करने वाले जयपुर की कंपनी 'वन टच एपलैब' ने ट्वीट कर कहा है कि एप को प्‍लेस्‍टोर से हटा दिया गया है। हालांकि ऐसा क्‍यों किया गया है कंपनी ने भी कुछ नहीं बताया है। अमूमन गूगल उन्‍हीं एप्‍स को हटाता है जो प्‍ले स्‍टोर की नीतियों का उल्‍लंघन करते हैं या जो यूजर्स के लिए हानिकारक होते हैं। फ‍िलहाल कंपनी OneTouchAppLabs ने कहा है कि गूगल ने #RemoveChinaApps को गूगल प्‍ले स्‍टोर (google play store) से हटा दिया है। पिछले दो हफ्तों में आपका जो समर्थन मिला उसके लिए सभी का धन्यवाद... आप कमाल के हैं!

इस एप को विकसित करने वाली कंपनी 'वन टच एपलैब' का कहना था कि उसने इसे शैक्षिक मकसद से तैयार किया है, ताकि कौन सा एप किस देश का है इसकी जानकारी मिल सके। कंपनी का इरादा एप के व्यवसायिक इस्तेमाल का नहीं है। यह गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है। मालूम हो कि यह एप 17 मई को गूगल प्ले पर लाइव हुआ था जिसके बाद एप को अभी तक 50 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। कई रिपोर्टों में कहा गया था कि इस एप को लेकर चीन में काफी चचाएं थीं। ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि इंजिनियर भारत में बने चीन-विरोधी माहौल का फायदा उठा रहा है। यह सॉफ्टवेयर भारत और चीन के रिश्तों को और नुकसान पहुंचा सकता है।

यह भी बता दें कि गूगल प्ले पर इस ऐप को 4.9 रेटिंग के साथ 1.89 लाख रिव्यूज मिले थे। वैसे अब आप सबको RemoveChinaApps को अपने स्‍मार्टफोन से हटा देना चाहिए क्‍योंकि मौजूदा वक्‍त में यह गूगल द्वारा वैरिफाइन एप नहीं रहा। उल्‍लेखनीय है कि मौजूदा वक्‍त में एलएसी पर चीन के साथ गतिरोध बना हुआ है। चीन के साथ लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय वायुसेना ने भी लद्दाख में दुश्मनों के दांत खट्टे कर देने वाले सुखोई और मिराज जैसे अपने युद्धक विमान तैनात कर दिए हैं। यही नहीं भारतीयों में चीन इस व्‍यवहार को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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