कोडागू, एजेंसी। कर्नाटक में कोडागू डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के पास एक ट्रांसजेंडर ने इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है। दरअसल उसे मकानमालिकों ने किराए पर घर देने से इनकार कर दिया है। मादिकेरी (Madikeri) निवासी ट्रांसजेंडर (transperson) ने अपनी याचिका में कहा है कि थर्ड जेंडर का होने के कारण उसे किराए का घर देने से सभी इनकार कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि भीख मांग कर वह अपना गुजारा किसी तरह कर रही है।

पीड़ित ने काफी पहले ड्रिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के पास यही याचिका दायर की थी लेकिन उसकी मुश्किल आसान नहीं हुई। इसके अलावा जिले के गालीबीडू (Galibeedu) या जाम्बूर (Jambur) में किराए का कमरा तलाशने के लिए उन्होंने अथारिटी से भी मदद मांगी थी ।

तंग आ चुकी हैं, अब चाहती हैं इच्छामृत्यु 

पीड़ित ने बताया कि बार-बार वह अथारिटीज के पास अपनी परेशानी लेकर गई लेकिन उसका सारा प्रयास असफल रहा। उसने आगे कहा कि आखिरी बार अथारिटी को पत्र लिखा और डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर डाक्टर सतीश बीसी ( Dr Sateesha B.C.) से अपनी इच्छामृत्यु की तारीख निश्चित करने की गुहार लगाई है क्योंकि वह अब और मानसिक उत्पीड़न और अपने मूल अधिकारों का हनन नहीं झेल सकती।

ट्रांसजेंडर आवेदकों की फिटनेस के लिए DGCA  की पहल

आकलन पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नए दिशा-निर्देशों का स्वागत किया है। बता दें कि DGCA ट्रांसजेंडर के लिए अपना पहला चिकित्सा दिशा निर्देश तैयार कर रहा है। DGCA ने वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले ट्रांसजेंडर लोगों की फिटनेस का आकलन करने के लिए चिकित्सा परीक्षकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए। DGCA ने दिशानिर्देशों में कहा कि एक ट्रांसजेंडर आवेदक की फिटनेस का आकलन उनकी कार्यात्मक क्षमता और अक्षमता के जोखिम का आकलन करने के सिद्धांतों का पालन करते हुए किया जाएगा। इसमें यह उल्लेख किया गया है कि ऐसे ट्रांसजेंडर आवेदक, जो पिछले पांच वर्षों से हार्मोन थेरेपी ले रहे हैं या लिंग परिवर्तन सर्जरी करा चुके हैं, उनकी मानसिक सेहत की स्थिति जांची जाएगी।

Edited By: Monika Minal