नई दिल्ली, एजेंसियां। क्या आप खानपान में एल्यूमिनियम पैकेजिंग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो संभल जाएं। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि एल्यूमिनियम पैकेजिंग में रखे खाद्य पदार्थो का सेवन कम करने से सेहत से जुड़े खतरों से बचा जा सकता है। शरीर में एल्यूमिनियम कंपाउंड के उच्च स्तर के कारण न्यूरोटॉक्सिक डेवलपमेंटल डिसआर्डर के साथ ही किडनी, लिवर और हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है।

जर्मनी के फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क असेसमेंट के शोधकर्ताओं ने मौजूदा डाटा के आधार पर खाद्य पदार्थो के जरिये शरीर में पहुंचने वाले एल्यूमिनियम कंपाउंड की मात्रा का मूल्यांकन किया है। शोधकर्ताओं ने हालांकि पूर्व के अध्ययनों की तुलना में एल्यूमिनियम की मात्रा में कमी पाई है। लेकिन इसमें अगर एल्यूमिनियम के इस्तेमाल वाले कॉस्मेटिक जैसे उत्पादों को जोड़ दिया जाए तो शरीर में इसकी मात्रा ज्यादा बढ़ सकती है। शोधकर्ताओं ने खासकर अम्लीय और नमकीन खाद्य पदार्थो को एल्यूमिनियम फॉइल में नहीं रखने की सलाह दी है। (आइएएनएस)

घातक हो सकता है लिंफोसाइट ब्लड सेल्स का निम्न स्तर

एक अध्ययन से पता चला कि शरीर में निम्न लिंफोसाइट ब्लड सेल्स किसी बीमारी की प्रारंभिक निशानी हो सकती हैं। इसका संबंध किसी रोग के चलते मौत के उच्च खतरे से भी पाया गया है। लिंफोसाइट श्वेत रक्त कोशिकाओं (ह्वाइट ब्लड सेल्स) का एक प्रकार है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, लिंफोसाइट के निम्न स्तर को लिंफोपेनिया कहते हैं। इसकी पहचान आमतौर पर रक्त जांच से होती है। इसका पता चलने पर हालांकि आमतौर पर रोगियों को आगे की जांच की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि भविष्य में होने वाले खतरे का अनुमान नहीं लग पाता। अध्ययन में निम्न लिंफोसाइट का संबंध मौत के 1.6 गुना बढ़े खतरे से पाया गया। जबकि कैंसर, हृदय रोग, श्वसन रोग, संक्रमण और अन्य कारणों से मौत का खतरा 2.8 गुना ज्यादा पाया गया। डेनमार्क की कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता स्टिग बोजेसेन ने कहा, 'हमारे अध्ययन से जाहिर होता है कि लिंफोपेनिया पीडि़तों में किसी भी कारण से मौत का उच्च खतरा हो सकता है।' (प्रेट्र)

Posted By: Nitin Arora

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