नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली मानहानि मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी से पैरवी कराकर फंसते नजर आ रहे हैं। हाल ही में जब जेठमलानी ने उन्हें कोर्ट में पैरवी करने के लिए 3.42 करोड़ रुपए का बिल सौंपा और केजरीवाल ने उसका भुगतान सरकार खजाने से करने के लिए बिल उपराज्यपाल को भेजा तो बवाल खड़ा हो गया।

इसी मुद्दे से खुलासा हुआ कि जेठमलानी एक हियरिंग (कोर्ट में उपस्थित होना) की मोटी फीस यानी 22 लाख रुपए वसूल रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद ही यह जिज्ञासा भी बढ़ गई है कि देश के नामी वकील आखिर कितनी फीस वसूलते हैं। आखिर क्यों कहा जाता है कि कभी कोर्ट-कचहरी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। वेबसाइट लीगलीइंडिया डॉट कॉम के मुताबिक, देश के करीब 9 वकील ऐसे हैं जो हर हियरिंग की फीस 15 लाख या इससे अधिक वसूलते हैं।

वेबसाइट ने वर्ष 2015 में दिल्ली के 32 वकीलों से बातचीत की थी। ये सभी वकील सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में वरिष्ठ वकीलों को सहयोग करते हैं। इन्हीं वकीलों ने जानकारी दी कि शीर्ष वकीलों में अधिकांश ऐसे हैं, जो या तो कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं या अतीत में जुड़े थे।

 नाम                        सुप्रीम कोर्ट में प्रति हियरिंग  दिल्ली हाई कोर्ट में प्रति हियरिंग  खास

राम जेठमलानी          25 लाख+                           25 लाख+
सोली सोराबजी          10--15 लाख
फली नरीमन             8--15 लाख
केके वेणुगोपाल          5-7.5 लाख                      7-15 लाख अधिकांश केस की फीस नहीं लेते। राज्य सरकारों                                                                              और सरकारी प्रतिष्ठानों से भी कम फीस लेते हैं
गोपाल सुब्रमण्यम      5.5-15 लाख                    11--16.5 लाख ट्रिब्यूनल में 25 लाख, ट्रायल कोर्ट नहीं जाते पी. चिदंबरम             6-7 लाख                          7-15 लाख
हरीश साल्वे               6-15 लाख                        6-15 लाख
अभिषषेक मनु सिंघवी 6-11 लाख                        7--15 लाख
सीए सुंदरम                5.5-16.5 लाख
सलमान खुर्शीद           5 लाख                             8-11 लाख
पराग त्रिपाठी              5-7 लाख                         5-10 लाख
केटीएस तुलसी            5-6 लाख                         8-9 लाख
कपिल सिब्बल            5-15 लाख                       9-16 लाख
शांति भूषण                4.5-6 लाख                      4.5-6 लाख
दुष्यंत दवे                  5.5-10 लाख                    5.5-10 लाख सेना, अखिल भारतीय सेवाओं, शिक्षकों,                                                                                               एनजीओ, वकीलों और उनके संबंधियों से फीस                                                                                         नहीं लेते। दूसरे शहर जाने पर फीस ज्यादा हो                                                                                         सकती है।

(फीस के आंकड़े सही हो सकते हैं, लेकिन ये केस की श्रेणी और मामले की गंभीरता पर भी निर्भर करता है।)

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वकीलों के बारे में खास

1. राम जेठमलानी: देश के सबसे बड़े वकीलों में पहला नंबर राम जेठमलानी का है। जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील और राजनीतिज्ञ हैं। 90 वर्षीय जेठमलानी इस उम्र में भी पूरी मजबूती के साथ इस मैदान में डटे हुए हैं। मालूम हो, राम देश के सबसे वरिष्ठ और ज्यादा फीस लेने वाले वकीलों में शुमार हैं। कई वकीलों के मुताबिक, किसी केस में सिर्फ जेठमलानी का नाम जोड़ने या उस केस को पढ़ने की फीस वह 25 लाख रुपए तक लेते हैं। जेठमलानी कई बड़े मुकदमे लड़ चुके हैं, जिनमें राजीव गांधी, इंदिरा गांधी की पैरवी से लेकर आसाराम की जमानत तक के केस शामिल हैं। वह संसद हमले में आरोपी रहे अफजल गुरु के भी वकील रह चुके हैं।
2. हरीश साल्वे:  हरीश साल्वे किसी भी मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। साल्वे 1999 से लेकर 2002 के बीच 9 साल तक केंद्र सरकार में सॉलिसीटर जनरल रह चुके हैं। सोली सोराबजी इनके मेंटर हैं। सलमान खान के हिट एंड रन केस भी वही लड़ रहे हैं। उनके क्लाइंट में रिलायंस, टाटा, आईटीसी और वोडोफोन जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।
3. फली नरीमन: 88 वर्षीय फली सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। पद्म भूषण, पद्म विभूषण और ग्रुबर प्राइज ऑफ जस्टिस अवॉर्ड से सम्मानित हैं। फली नरीमन कोर्ट में सवालों से विपक्षियों को चारों खाने चित कर देते हैं। वह ज्यादातर राजनीतिक दलों और बिजनेस फर्म के लिए केस लड़ते हैं।
4. सोली जे सोराबजी: 1977 से 80 तक भारत के पूर्व अटार्नी जनरल, पद्म विभूषण और प्रख्यात वकील सोली जे सोराबजी को वकालत के पेशे में लंबा अनुभव है। साथ ही इस पेशे में उनकी सफलता का औसत 80 प्रतिशत है जो कि किसी भी वकील का सबसे बड़ा सपना होता है। सोराबजी ने भारत के लिए कई अतंरराष्ट्रीय मुकदमे जीते हैं।
5. अभिषेक मनु सिंघवी: 58 वर्षीय सिंघवी भारत के सबसे युवा अटॉर्नी जनरल हैं। इन्होंने 37 वर्ष की उम्र में यह पद पा लिया था। अंबानी भाइयों का झगड़ा जब कोर्ट पहुंचा था जो मुकेश अंबानी की पसंद सिघवी थे।

दूसरे शहर जाने पर खर्च ज्यादा
यदि कोई सीनियर वकील किसी दूसरे शहर जाकर केस लड़ता है तो फ्लाइट का बिजनेस क्लास का टिकट या चार्टर्ड फ्लाइट और फाइव स्टार होटल में रकने के खर्च का भुगतान मुवक्किल को ही करना पड़ता है।

यह भी जानिए 

-सुप्रीम कोर्ट में सोमवार और शुक्रवार को वकीलों की फीस कम रहती है। ये मिस्लेनियस डे कहलाते हैं। इन दिनों में सुप्रीम कोर्ट नए मामले सुनता है और तय करता है कि इन पर सुनवाई की जाए या नहीं।
- मंगलवार, बुधवार और गुरवार को केसों में जिरह होती है। इन दिनों में सिब्बल, सिंघवी और साल्वे जैसे वकीलों की फीस 11 से 15 लाख तक होती है।

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(सीएनआर डेस्क)

Posted By: Sanjeev Tiwari