रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ के तृतीय वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह रिपोर्ट विधानसभा में रखी। पूर्व सांसद व राज्य के पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू की अध्यक्षता वाली आयोग ने कुल 58 अनुशंसाएं की है। इसमें निकायों की आय बढ़ाने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं। इनमें विज्ञापन और होर्डिंग के साथ ही निगम क्षेत्र में होने वाले वैवाहिक समेत अन्य बड़े आयोजनों पर टैक्स लगाने की अनुशंसा शामिल है।

बड़े शहरों में फ्लोर स्पेस इंडेक्स बढ़ाएं

आयोग ने तेजी से विकसित हो रहे रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, जगदलपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर में बहुमंजिली इमारतों की कमी पर चिंता जाहिर की है। ऊंची लागत की भूमि का उचित आर्थिक उपयोग नहीं हो पा रहा है। आयोग ने इन सभी बड़े शहरों में कुर्सी क्षेत्रफल (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) सभी प्रयोजनों के लिए बढ़ाने की अनुशंसा की है।

नगर पंचायत का नाम नगर परिषद

पंचायत शब्द के उपयोग से होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए आयोग ने नगर पंचायत का नाम नगर परिषद करने की अनुशंसा की है। इसी तरह आयोग ने दो लाख से अधिक आबादी पर नगर पालिका निगम के गठन की अनुशंसा की है।

महिलाओं को प्रोत्साहन

महिला सशक्तीकरण के लिए आयोग ने कहा है कि नगर पंचायत के कुल पदों के दो तिहाई या उससे अधिक पदों पर महिलाओं के निर्वाचन की स्थिति में संबंधित नगर पंचायत को पांच लाख का विशेष अनुदान दिया जाए। वहीं, अनुसूची के क्षेत्र की 5050 ग्राम पंचायतों की मूलभूत सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए पांच लाख वार्षिक सहायता अनुदान दिया जाए।

आयोग की कुछ प्रमुख अनुशंसा

- ग्राम सभाओं की कार्यवाही की वाइस रिकार्डिंग की जा सकती है।

- हर गांव में कम से कम एक तालाब निस्तारी के लिए आरक्षित रखा जाए।

- अप्रर्याप्त और अप्रशिक्षित कर्मियों के कारण गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इसमें सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

- संपंत्ति कर का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से करने की सुविधा।

- समय पर और अग्रिम संपत्ति कर जमा करने वालों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की जाए।

- स्थानीय निकायों को अपनी क्रेडिट रेटिंग कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

- स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, गंदे पानी की निकास, ठोस अपशिष्ठ का निराकरण और सार्वजनिक स्थानों का रख-रखाव के लिए पुरस्कार योजना शुरू की जाए।

राज्य तृतीय वित्त आयोग के अध्‍यक्ष चंद्रशेखर साहू ने कहा है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसमें स्थानीय निकायों के आय बढ़ाने और ढांचागत सुधार से संबंधित अनुशंसाएं की गई है। इसमें यह भी अनुशंसा की गई है कि केंद्रीय वित्त आयोग की तरह राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाएं भी राज्य के लिए बंधनकारी होनी चाहिए।  

Posted By: Arun Kumar Singh

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