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डिजिटल पेमेंट से लोन रिकवरी तक... RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के 4 ऐतिहासिक फैसले

Published: Fri, 06 Feb 2026 06:42 PM (IST)Updated: Fri, 06 Feb 2026 07:19 PM (IST)

आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट अपरिवर्तित रखते हुए ग्राहकों की सुरक्षा पर जोर दिया। डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी ...और पढ़ें

डिजिटल धोखाधड़ी में ₹25,000 तक की भरपाई होगी

डिजिटल धोखाधड़ी में ₹25,000 तक की भरपाई होगी

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रेपो रेट में भले ही आरबीआई ने कटौती नहीं की है लेकिन इस बार बैंक उपभोक्ताओं के हितों की पूरी सुध ली गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करने वाली कई घोषणाएं कीं।

RBI

डिजिटल धोखाधड़ी में ₹25,000 तक की भरपाई होगी

सबसे प्रमुख घोषणा यह है कि भविष्य में डिजिटल भुगतान से जुड़े छोटे मूल्य के फ्राड मामलों में ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक की हानि की भरपाई की जाएगी।

गलत सूचना दे कर बैंक, बीमा, शेयर या फंड बेचने वाली वित्तीय कंपनियों पर नकेल कसने के लिए अलग से नियम लागू किये जा रहे हैं ताकि बैंकों के अधिकारी ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक ही उत्पाद बेच सकें।

साथ ही आरबीआई की तरफ से लोन रिकवरी को करे बैंकों की तरफ से नियुक्त रिकवरी एजेंटों पर भी नई पहली की जाएगी। अभी इस बारे में कई तरह के नियम लागू हैं, इन सभी को एक साथ मिला कर व्यवस्थित किया जाएगा ताकि किसी तरह की अनिश्चितता नहीं रहे।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिनों तक चली। हर दो महीने पर होने वाली इस बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि रेपो रेट (5.25 फीसद) में इस बार कोई कटौती नहीं की जाएगी। रेपो रेट में कटौती आरबीआई बैं¨कग लोन को सस्ता करने के लिए करता है।

PTI

वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर लगेगी लगाम

फरवरी, 2025 के बाद आरबीआई रेपो रेट में 1.25 फीसद की कटौती कर चुका है। इससे कर्ज की दरों में नरमी आई है। मुद्रास्फीति भी अभी नियंत्रण में है और आर्थिक विकास की गति संतोषजनक है। ऐसे में शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर ने बैंक ग्राहकों की सेवा की गुणवत्ता में बड़े सुधार करने पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच फ्रॉड के मामलों में वृद्धि को देखते हुए गैरअधिकृत तौर पर डिजिटल बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों के दायित्व संबंधी नियमों में समीक्षा जरूरी है। इससे उन लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो छोटी-मोटी धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

केंद्रीय बैंक की तरफ से तीन प्रमुख ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी करने की घोषणा की गई है। पहली गाइडलाइन बैंक काउंटरों पर थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स की मिस-सेलिंगको रोकने के लिए होगी।

इसके तहत ग्राहकों को वित्तीय उत्पादों के फायदे बढ़ा चढ़ा कर बताए जाते हैं और कई बार जिसकी जरूरत नहीं होती, वैसे उत्पाद ग्राहकों को बेच दिए जाते हैं।

लोन रिकवरी एजेंटों के लिए नए आचार नियम

नये दिशानिर्देश में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक की जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुरूप ही उत्पादन दिए जाएं। आम जनों से विमर्श के लिए नये नियम जल्द ही जारी होंगे।

दूसरी गाइडलाइन लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स के आचरण से संबंधित है। वर्तमान में विभिन्न रेगुलेटेड संस्थाओं (जैसे बैंक और एनबीएफसी) के लिए अलग-अलग नियम हैं, जिन्हें अब आपस में मिलाया जाएगा ताकि इनके बीच बेहतर तालमेल हो।

इससे एजेंट्स द्वारा की जाने वाली अनुचित वसूली पर अंकुश लगेगा और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा होगी।तीसरा दिशानिर्देश अनआथराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन्स में ग्राहक दायित्व को सीमित करने को लेकर होगा।

2017 के पुराने नियमों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसमें छोटे फ्रॉड में 25 हजार रुपये तक की हानि की भरपाई करने का प्रावधान शामिल किया जाएगा।

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डिजिटल बैंकिंग की रफ्तार बढ़ने से फ्रॉड के खतरे भी बढ़े हैं

आरबीआई का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग की रफ्तार बढ़ने से फ्रॉड के खतरे भी बढ़े हैं, इसलिए ग्राहकों को तत्काल राहत प्रदान करना जरूरी है।

इसके अलावा, आरबीआई ने डिजिटल भुगतान पेमेंट्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक विमर्श प्रपत्र जारी करने की योजना बनाई है। इस प्रपत्र में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े लेन-देन को अतिरिक्त तौर पर सुरक्षित बनाने का इंतजाम होगा।

माना जा रहा है कि बुजुर्गों के लिए फिंगर प्रिंट या वॉयस वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। ताकि वे आसानी से फ्रॉड का शिकार न हों। हाल के वर्षों में यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वालेट्स से जुड़े फ्राड के केसों में 40 फीसद तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ही डिजिटल फ्रॉड से करोड़ों रुपये की हानि हुई थी, जिससे आम आदमी का बैं¨कग सिस्टम पर भरोसा डगमगा रहा था।