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आरबीआई का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार को मिलेगा रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष

Published: Fri, 22 May 2026 07:45 PM (IST)

आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष हस्तांतरित करने का ...और पढ़ें

केंद्र सरकार की तिजोरी में 2.86 लाख करोड़ रुपए देगा रिजर्व बैंक (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार की तिजोरी में 2.86 लाख करोड़ रुपए देगा रिजर्व बैंक (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आरबीआई ने केंद्र को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये दिए।

  2. यह अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक अधिशेष हस्तांतरण है।

  3. सरकार को विकास कार्यों और वित्तीय अनुशासन में मदद मिलेगी।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार को रिकार्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष ट्रांसफर करने का फैसला किया है। आरबीआई की केंद्रीय बोर्ड की 623वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 2,86,588.46 करोड़ का अधिशेष ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

यह केंद्रीय बैंक की तरफ से केंद्र सरकार को किया गया सबसे बड़ा सालाना ट्रांसफर है। मौजूदा समय में सरकार पर विकास कार्यों, पूंजीगत व्यय और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का दबाव है। खास तौर पर पश्चिम एशिया विवाद की वजह से देश पर भारी वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

मिलेगा अतिरिक्त राजस्व

ऐसे में इस ट्रांसफर से सरकार की तिजोरी में अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने की गुंजाइश बढ़ेगी, कर्ज लेने पर निर्भरता कम होगी और बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना आसान होगा।पिछले तीन-चार वर्षों में आरबीआई ने केंद्र सरकार को लगातार बढ़ते हुए अधिशेष दिए हैं।

वर्ष 2024-25 में 2,68,590 करोड़ रुपये, 2023-24 में 2,10,874 करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया गया था। इस बार की राशि पिछले साल से करीब 7 प्रतिशत अधिक है, जो आरबीआई की मजबूत आय और संतुलित जोखिम प्रबंधन को दर्शाती है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वैश्विक-घरेलू आर्थिक स्थिति की समीक्षा के साथ ही बैंक के बैलेंस शीट के 20.61 प्रतिशत बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये पहुंचने पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने जोखिम बफर (सीआरबी) के लिए 1.09 लाख करोड़ रुपये अलग रखे।

फंड का क्या इस्तेमाल करता है RBI?

सीआरबी आरबीआइ की बैलेंस शीट का एक निश्चित प्रतिशत होता है और इसे बनाए रखने के बाद ही बचा हुआ अधिशेष केंद्र सरकार को ट्रांसफर किया जाता है। आरबीआइ अपने पास एक फंड आपातलाकीन जोखिमों से निपटने के लिए तैयार करता है।

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में आरबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल 3.16 लाख करोड़ रुपये का लाभांश हासिल करने का लक्ष्य रखा था। आरबीआइ से हासिल होने वाली राशि के लिए अलग से उल्लेख नहीं किया गया था लेकिन अमूमन कुल लक्ष्य का 80-85 फीसद आरबीआइ से ही हासिल होता है। उस हिसाब से उक्त ट्रांसफर बजटीय अनुमान के बराबर ही है।

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