RBI ने रद किए 5673 सर्कुलर, 244 नई मास्टर गाइडलाइन जारी; आम लोगों पर क्या होगा असर?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 हजार से ज्यादा पुराने सर्कुलर रद्द कर दिए हैं, जो 1944 से चले आ रहे थे। लगभग 9 हजार सर्कुलरों को 244 मास्टर गाइडलाइन में बदल दिया गया है। डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मू ने बताया कि इससे बैंकों के नियमों को समझने में आसानी होगी। सरकारी प्रतिभूतियों से जुड़े लोन पर बदलाव का असर हो सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जारी की मास्टर गाइडलाइन। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए 5 हजार से ज्यादा सर्कुलर रद कर दिए हैं। RBI का कहना है कि यह सर्कुलर 1944 से चल रहे थे, जिनका अब कोई काम नहीं बचा था। वहीं, 9 हजार से ज्यादा सर्कुलर्स को 244 मास्टर गाइडलाइन में तब्दील कर दिया गया है
डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मू ने RBI के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इससे बैंकों को सारे नियम एक जगह पर मिलेंगे, जिससे वो अपने काम से जुड़े दिशानिर्देश आसानी से पढ़ सकेंगे।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
RBI के इन बदलावों का आम आदमी पर क्या असर होगा? इसके जवाब में एससी मुर्मू कहती हैं कि गवर्मेंट सिक्योरिटीज से जुड़े लोन को लेकर सर्कुलर में बदलाव किया गया है। ऐसे में गवर्मेंट सिक्योरिटीज खरीदने वाले लोगों पर इसका असर हो सकता है। RBI ने डिजिटल बैंकिंग के लिए भी 7 मास्टर गाइडलाइन बनाई हैं, जिसका प्रभाव न सिर्फ बैंकों पर, बल्कि ग्राहकों पर भी हो सकता है।
1944 से चल रहे थे नियम
नई गाइडलाइन की जानकारी देते हुए डिप्टी गवर्नर ने बताया कि RBI के अधिकारियों ने हजारों सर्कुलर्स को पढ़ने के बाद कई सर्कुलर्स को रद कर दिया। यह सर्कुलर्स 1944 से चले आ रहे थे। वहीं, कई सर्कुलर्स को अलग-अलग करके 244 मास्टर गाइडलाइन में समाहित कर दिया गया है।
अक्टूबर में पेश किया था मसौदा
बता दें कि यह पहली बार है, जब RBI ने सर्कुलर्स में बदलाव किए हैं। हालांकि, यह कब तक जारी रहेगा, इसकी जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है। RBI ने अक्टूबर में 238 मास्टर गाइडलाइन का मसौदा पेश किया था। वहीं, अब शुक्रवार को 244 मास्ट गाइडलाइन जारी की गई है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।