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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: 105 मामले सीसीटीवी में कैद, एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:24 PM (IST)

एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें 25 सितंबर तक अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की बात कही गई है।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी।

HighLights

  1. एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी।

  2. 25 सितंबर तक अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।

  3. सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी के 105 मामले दर्ज हुए हैं।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एसआइटी की ओर से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को कोर्ट को बताया कि 25 सितंबर तक अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा।

25 सितंबर को अभियुक्तों की गिरफ्तारी को 90 दिन का समय पूरा होने वाला है। बताते हैं कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सीसीटीवी में चढ़ावा चोरी के 105 मामले कैद हुए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दाखिल विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ कर रही है। सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

उन्होंने कहा कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी को 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो जाएंगे ऐसे में 25 सितंबर तक अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने एसआइटी को ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया।

सीसीटीवी में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं दर्ज 

माना जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं दर्ज हुईं हैं। रिपोर्ट में अब तक हुई जांच और साक्ष्यों के संरक्षण का पूरा ब्योरा दिया गया और जांच की स्थिति बताई गई। स्टेटस रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में कोर्ट में दाखिल की गई है।

पक्षकरों को उसकी प्रति नहीं दी गई है। कोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि वह फिलहाल कोई आदेश नहीं दे रहे है क्योंकि इससे सक्षम अदालत के समक्ष चल रही सुनवाई पर असर पड़ सकता है।

पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ताओं की ओर से एसआईटी की ओर से दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट की प्रति दिलाए जाने की मांग की गई थी लेकिन पीठ ने मांग ठुकरा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पहले वह रिपोर्ट देखेगा कि उसे सार्वजनिक किया जा सकता है कि नहीं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने एसआईटी को अपनी जांच जल्दी पूरी कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने को कहा था।

शीर्ष अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह जांच की प्रगति की स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे। साथ ही कोर्ट ने पक्षकारों को एसआईटी जांच के संबंध में अपने सुझाव सॉलिसिटर जनरल कार्यालय को देने को देने की छूट दी थी। याचिकाकर्ता राजद सांसद सुधाकर सिंह के वकील सत्यम सिंह राजपूत ने आज भी कोर्ट से कहा कि उन्हें कहां सुझाव देने हैं।

चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं जिनमें चढ़ावा चोरी के आरोपों की और ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की सीबीआई जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है।