नई दिल्ली, एजेंसी। राखी भाई बहनों के स्नेह का ऐसा त्योहार है जिसके लिए लोग पूरे साल इंतजार करते है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बंधकर अपने आशीर्वचनों के साथ भाई की लंबी उम्र और उन्हें जीवन में हर खुशी की कामना करती हैं। इस साल 3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार सोमवार के दिन मनाया जा रहा है। इस दिन उत्तर भारत में सवान का अंतिम सोमवार भी मनाया जा रहा है। भाई-बहन राखी का त्योहार मनाने के लिए मुहूर्त का खास ध्यान रखें।

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर इस बार सुबह 9.29 बजे तक भद्रा का साया रहेगा। इसमें राखी बांधना शुभ नहीं है। लिहाजा, 9.30 के बाद दिन भर में कई शुभ मुहुर्त हैं, जिसमें भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है। माना जाता है कि भद्रा काल में रावण की बहन ने उन्हें राखी बांधी थी, लेकिन यह सूत्र रावण की रक्षा नहीं कर सका था। इसके चलते इस काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। इसी तरह 29 वर्ष के बाद इस पावन पर्व पर अद्भुत संयोग बनने जा रहा है।

इस रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ आयुष्मान दीर्घायु संयोग भी बन रहा है। इसमें भाई की दीर्घायु व बहन की रक्षा का सूमेल भी बनेगा। भद्रा काल में जरूरी हो राखी बांधना तो यह करें अगर भद्रा काल में राखी बांधना मजबूरी हो तो कुशा पर मौली बांधकर दक्षिणा के साथ किसी ब्राह्मण को देने के बाद राखी बांधी जा सकती है।

राखी समय मुहूर्त, भद्रा काल

श्रावण पूर्णिमा का आरंभ 2 अगस्त की रात 9 बजकर 28 मिनट से।

श्रावण पूर्णिमा का समापन 3 अगस्त की रात 9 बजकर 28 मिनट पर।

श्रावण पूर्णिमा 3 अगस्त को सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक राहु काल।

श्रावण पूर्णिमा के दिन सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा की अशुभ छाया।

राखी का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 29 मिनट से।

दोपहर में राखी बंधवाने का शुभ मुहूर्त 1 बजकर 46 मिनट से 4 बजकर 26 मिनट तक।

शाम में राखी बंधवाने का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में 7 बजकर 6 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक।

राखी बंधवाते समय भाई का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक अशुभ समय बीत जाने के बाद राखी का त्योहार मनाएं।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस