जयपुर। रक्षाबंधन पर इससे बड़ा संयोग क्या हो सकता है कि पांच साल पहले लापता हुई बहन भाई से मिले और उसे राखी बांधे। राजस्थान में ऐसा ही मामला सामने आया है।

10 वर्षीय महेश ने उम्मीद छोड़ दी थी कि उसकी छोटी बहन ममता दोबारा उससे मिल पाएगी और उसकी कलाई पर राखी बांध पाएगी। ममता 2010 में लापता हुई थी।

उसे अगवा कर भीख मांगने को मजबूर किया जा रहा था। इस माह के शुरू में पुलिस ने ममता समेत तीन बच्चों को छुड़ाया था और अजमेर के शेल्टर होम में रखा था। अब पूरी जांच-पड़ताल के बाद बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने ममता को परिवार को सौंप दिया है।

अब दोनों भाई बहन इतने खुश हैं कि एक दिन पहले ही राखी मना ली। ममता अब पढ़ाई करना चाहती है। भाई महेश के मुताबिक, बीते पांच साल से मेरी बड़ी बहन विमला राखी बांधती थी, लेकिन अब में बहुत खुश हूं कि मेरी दोनों बहनें मेरे साथ हैं।

मेले में खोई थी ममता

  • 30 मार्च 2010 को ममता अपने परिवार के साथ नागौर जिले के नवा शहर में मेले में गई थी, जहां से वह लापता हो गई थी।
  • मोची का काम करके परिवार पालने वाले पिता और अन्य परिजनों ने पता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
  • थाने में शिकायत दर्ज की। नवा शहर पुलिस थाने के जांच अधिकारी प्रहलाद सिंह के मुताबिक, 30 मार्च 2010 को केस दर्ज किया गया था।
  • जांच में पता चला कि बच्ची को आखिरी बार एक गुब्बारे वाले के साथ देखा गया था। आरोपी का कुछ पता नहीं चला।
  • कोई प्रगति नहीं हुई तो उसी साल केस बंद कर दिया गया। इस साल 2 अगस्त को संदिग्ध गतिविधियों में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया।
  • उसके पास से पांच बच्चे भी मिले थे जो भीख मांगते थे। बच्चों को उससे छुड़ाकर शेल्टर होम भेजा गया।
  • परिजनों ने यह खबर अखबार में पढ़ी तो पुलिस से संपर्क किया और पहचान साबित होने के बाद ममता को परिजन को सौंप दिया गया।
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Posted By: Sachin k

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